गाजियाबाद के मुरादनगर के एक गांव में श्मशान घाट की छत गिरने के मामले में फरार ठेकेदार को उत्तर प्रदेश के मेरठ और मुजफ्फरनगर जिलों की सीमा से लगे एक गांव से गिरफ्तार कर लिया गया. घटना में 24 लोगों की मौत हो गयी थी.

गाजियाबाद पुलिस ने सोमवार को मुरादनगर नगर पालिका की कार्यकारी अधिकारी निहारिका सिंह, जूनियर इंजीनियर चंद्र पाल और सुपरवाइजर आशीष को गिरफ्तार किया था. ये सभी इमारत निर्माण के लिए निविदा प्रक्रिया में शामिल थे. उन्हें 14 दिन के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है.

मुरादगनगर में रविवार को श्मशान घाट की छत गिरने से 24 लोगों की मौत हो गयी थी और कई लोग घायल हो गये थे. ये सभी लोग एक व्यक्ति के अंतिम संस्कार में शामिल होने आए थे. अधिकारी ने बताया कि ठेकेदार अजय त्यागी को मुरादनगर और निवारी पुलिस की संयुक्त टीम ने साठेड़ी गांव में गंगा नहर पुल के पास से पकड़ा. श्मशान घाट की छत गिरने का मामला सामने आने के बाद से वह फरार था.

पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) इराज राजा ने पीटीआई-भाषा को बताया कि इससे पहले पुलिस ने उसके संभावित ठिकानों पर छापा मारा और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कलानिधि नैथानी ने उसकी गिरफ्तारी के लिए सूचना देने वालों को 25,000 रुपये के इनाम की घोषणा की थी. पुलिस ने बताया कि त्यागी के खिलाफ कानून की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया और मंगलवार को उसे अदालत में पेश किया जाएगा.

श्मशान घाट में जिस गलियारे की छत ढही है, उसकी मरम्मत और निर्माण के लिए करीब तीन महीना पहले त्यागी को 55 लाख रुपये का ठेका मिला था और 15 दिन पहले इसे आम लोगों के लिए खोल दिया गया था. इससे पहले इस गलियारे को बनाने में करीब 55 करोड़ रुपये की लागत की खबर आयी थी. एसपी ने कहा कि जांच जारी है और यह पता लगाया जा रहा है कि निर्माण में किस-किस सामग्री का कितना इस्तेमाल किया गया था. जांच के बाद भ्रष्टाचार के आरोप जोड़े जाएंगे.

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