केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने दो जनवरी के कोरोना वायरस टीकाकरण पूर्वाभ्यास (ड्राई रन) की तैयारियों की समीक्षा के लिए शुक्रवार को एक उच्च-स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की. स्वास्थ्य मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने देश भर में बिना किसी बाधा के, पूर्वाभ्यास के लिए किए गए विभिन्न सुधारों से हर्षवर्धन को अवगत कराया. इनमें पूर्वाभ्यास का जमीनी स्तर पर संचालन करने वाली टीमों से पूछे जाने वाले हर संभावित प्रश्न का उत्तर देने के लिए टेलीफोन ऑपरेटरों की संख्या बढ़ाया जाना शामिल है.

मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि स्थानों की भौतिक जांच के लिए ब्लॉक-स्तरीय कार्यबल का गठन किया गया है तथा सभी कर्मियों को इस प्रक्रिया में अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नों के लिहाज से जानकारी दी गयी है.

हर्षवर्धन ने संबंधित अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने को कहा कि टीकाकरण स्थल और प्रभारी अधिकारी टीकाकरण के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा तैयार मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) और संबंधित सभी कदमों का पालन करें. पूर्वाभ्यास में मदद के लिए एसओपी को राज्यों व केंद्रशासित प्रदेशों के साथ साझा किया गया है.

बयान में कहा गया है कि उन्होंने इस कार्यक्रम को पहला चरण बनाने के लिए प्रशासनिक और चिकित्सा अधिकारियों के बीच उचित तालमेल की जरूरत पर बल दिया ताकि बाद में टीकाकरण अभियान का बड़े पैमाने पर कार्यान्वयन हो सके.

चुनावों की तरह व्यापक सामूहिक भागीदारी वाले इस तरह के आयोजन के महत्व पर जोर देते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने कहा ‘‘हमें इसे इसे वास्तविक अभियान के रूप में लागू करने का प्रयास करना चाहिए. उचित समन्वय परस्पर समझ बनाने में अहम भूमिका निभाएगा ताकि आगामी टीकाकरण अभियान बिना किसी परेशानी के आगे बढ़ सके.’’

उन्होंने दिल्ली के 1994 के पल्स पोलियो अभियान का जिक्र करते हुए कहा कि टीकाकरण कवायद लोगों की सहभागिता पर आधारित है और इसके लिए संबंधित हितधारकों, गैर-सरकारी संगठनों, नागरिक संगठनों और अन्य को लामबंद होने की जरूरत है.

उन्होंने टीकाकरण स्थलों, कोल्ड चेन स्थलों और टीकों के परिवहन के दौरान पर्याप्त सुरक्षा की आवश्यकता पर भी जोर दिया.