मुंबई, 28 अप्रैल (भाषा) मुम्बई की एक विशेष अदालत ने मुम्बई के निलंबित पुलिस अधिकारी सुनील माने की राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) हिरासत बुधवार को एक मई तक के लिए बढ़ा दी।

माने एंटीलिया बम प्रकरण और ठाणे के व्यापारी मनसुख हिरन की मौत की जांच के सिलसिले में हिरासत में हैं।

एनआईए की ओर से पेश विशेष सरकारी वकील प्रकाश शेट्टी ने विशेष एनआईए अदालत के न्यायाधीश राहुल भोसले से कहा कि केंद्रीय एजेंसी की जांच से अब तक सामने आया है कि माने हिरन की कथित हत्या में शामिल थे।

शेट्टी ने कहा कि एनआईए ने आरोपियों एवं गवाहों का बयान दर्ज किया है जिससे पुष्टि होती है कि हिरन की कथित हत्या के समय माने ने उनका फोन ले लिया था, उसे बंद कर बैग में रख दिया था।

एनआईए ने अदालत से कहा कि माने और अन्य पुलिस अधिकारी सचिन वाजे ने हिरन को ठाणे बुलाने के लिए किसी अन्य नाम का इस्तेमाल किया। वाजे को इस मामले में गिरफ्तारी के बाद निलंबित कर दिया गया था।

शेट्टी ने अदालत से कहा कि माने और वाजे हिरन का फोन वसई ले गये और वहां मोबाइल बंद कर दिया ताकि ऐसा लगे कि हिरन वसई में हैं। ऐसा कहते हुए एनआईए वकील ने अदालत से माने की हिरासत बढ़ाने की मांग की।

माने के वकील आदित्य गोरे ने माने की हिरासत बढ़ाने का विरोध किया। उन्होंने अदालत से पहले कहा था कि माने जांच में सहयोग कर रहे हैं और उनकी हिरासत बढ़ाने की जरूरत नहीं है।

माने के बचाव दल ने भी अदालत से कहा कि एनआईए हिरासत में माने एवं अन्य द्वारा दिये गये बयानों पर भरोसा कर रही है और ऐसे बयानों को स्वीकार योग्य सबूत नहीं माना जा सकता है।

एनआईए ने पहले विशेष अदालत के सामने दावा किया था कि जब हिरन की कथित रूप से हत्या की गयी थी, तब माने संभवत: वहां मौजूद थे।