नयी दिल्ली, 25 मई (भाषा) भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) ने लक्षद्वीप के प्रशासक प्रफुल्ल के पटेल द्वारा केन्द्र शासित प्रदेश में शुरू की गई नीतियों को लेकर उन पर निशाना साधा है।

भाकपा के महासचिव डी राजा द्वारा एक बयान में पार्टी ने मांग की कि पटेल को तुरंत वापस बुलाया जाए।

पार्टी ने आरोप लगाया, ‘‘भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने आक्रोश के साथ लक्षद्वीप के प्रशासक प्रफुल्ल के पटेल के जनविरोधी और तानाशाहीपूर्ण कृत्य का संज्ञान लिया है। केंद्र की भाजपा सरकार अपने हिंदुत्व के एजेंडे को लागू करने और लोकतांत्रिक रूप से चुनी गई सरकारों को गिराने के लिए राज्यपालों सहित संवैधानिक पदों पर बैठे व्यक्तियों का दुरुपयोग कर रही है।’’

उसने दावा किया कि भगवा पार्टी पश्चिम बंगाल, पुडुचेरी और अन्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में इसी रणनीति का इस्तेमाल कर रही है।

बयान में कहा गया है, ‘‘इस रणनीति के इस्तेमाल का नया मामला लक्षद्वीप में सामने आया है जहां प्रशासन का दुरुपयोग किया गया है। लक्षद्वीप एक द्वीप है और वहां की अधिकांश आबादी मुस्लिम है। प्रशासक ने यह तय करना शुरू कर दिया है कि द्वीप के लोगों को क्या खाना चाहिए। इन घटनाक्रमों को लेकर लोग आक्रोशित और परेशान हैं।’’

भाकपा ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से भाजपा सरकार द्वारा ‘‘आधिकारिक तंत्र के दुरूपयोग’’ पर संज्ञान लेने और केन्द्र शासित प्रदेश के प्रशासक पटेल को वापस बुलाने का आग्रह किया।

गुजरात के पूर्व मंत्री पटेल द्वारा लाई गई नई नीतियों में विकास के लिए निजी संपत्ति के अनिवार्य अधिग्रहण के मानदंड, किसी को भी हिरासत में लेने के लिए पुलिस को अधिकार देना, मध्याह्न भोजन से बीफ हटाना, सड़क विस्तार परियोजनाओं के लिए पेड़ काटना आदि शामिल हैं।