अफगानिस्तान में तालिबान के सत्ता में लौटने को लेकर पाकिस्तान क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान शाहिद अफरीदी को कोई समस्या नजर नहीं आ रही है. एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है जिसमें वो तालिबान की तारीफ करते नजर आ रहे हैं. शाहिद अफरीदी ने कहा कि तालिबान इस बार सकारात्मक सोच के साथ सत्ता में लौटा है. बता दें कि काबुल पर तालिबान के कब्जे के बाद से हजारों की संख्या में लोग अपनी जान बचाने के प्रयास में देश छोड़कर भाग रहे हैं. 

पाकिस्तानी पत्रकार नायला इनायत ने एक वीडियो ट्वीट किया है, जिसमें अफरीदी को पत्रकारों से यह कहते सुना जा सकता है कि तालिबान महिलाओं को काम करने की इजाजत दे रहा है और क्रिकेट को पसंद करता है. अफरीदी पत्रकारों से कहते हैं, "बेशक तालिबान आए हैं और बड़े पॉजिटिव फ्रेम ऑफ माइंड के साथ आए हैं. ये चीज हमें पहले नजर नहीं आई थीं. महिलाओं को काम करने की इजाजत है, उन्हें राजनीति में आने की इजाजत मिल रही है."

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अफरीदी ने कहा, "तालिबान क्रिकेट को सपोर्ट कर रहे हैं, श्रीलंका के हालात की वजह से इस बार सीरीज नहीं हो सकी, लेकिन मैं समझता हूं कि तालिबान क्रिकेट को बहुत ज्यादा पसंद करते हैं."

इससे पहले पाकिस्तान के प्रधानमंत्री और पूर्व क्रिकेटर इमरान खान भी तालिबान के समर्थन में सामने आ चुके हैं. अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के पहले ही इमरान ने उनका समर्थन करना शुरू कर दिया था. इसी साल जुलाई के महीने में इमरान ने कहा था कि तालिबान कोई आतंकवादी संगठन नहीं बल्कि हमारे जैसे आम आदमी ही हैं.

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कुछ इस तरह का रहा है अफरीदी का करियर

अफरीदी के नाम वनडे क्रिकेट में 395 विकेट और 8,064 रन हैं. टेस्ट क्रिकेट में 48 विकेट और 1,716 रन हैं और 99 T20 मैचों में 98 विकेट और 1,218 रन हैं. अफरीदी के इंटरनेशनल डेब्यू के समय उनकी उम्र 16 साल बताई गई थी लेकिन उन्होंने अपनी आत्मकथा में खुलासा किया कि वो 16 साल के नहीं बल्कि 19 साल के थे.

शाहिद अफरीदी अक्सर अपने बयानों को लेकर विवादों में रहे हैं. हाल ही उन्होंने पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर में आयोजित हो रही क्रिकेट प्रीमियर लीग को भी अपना समर्थन दिया था. 

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