भुवनेश्वर, 26 मई (भाषा) ऐसे में जब ओडिशा के तटीय क्षेत्रों में 128 गांवों चक्रवात यास के चलते ज्वार-भाटा और बारिश का पानी भरा हुआ है राज्य के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने बुधवार को प्रभावित परिवारों के लिए सात दिन की राहत की घोषणा की।

पटनायक ने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया कि चक्रवात से प्रभावित सभी प्रमुख सड़कों की मरम्मत की जाए और अगले 24 घंटों के भीतर प्रभावित जिलों में 80 प्रतिशत बिजली आपूर्ति बहाल कर दी जाए।

पटनायक ने चक्रवात के बाद बनी स्थिति की समीक्षा करने के बाद यह घोषणा की, जो अभी भी मयूरभंज जिले में सक्रिय है और इसके मध्यरात्रि तक राज्य से गुजर जाने की संभावना है।

आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि जलमग्न अधिकतर गांव बालासोर और भद्रक जिलों में हैं, जो चक्रवात से सबसे ज्यादा प्रभावित हैं।

विशेष राहत आयुक्त (एसआरसी) पी के जेना ने कहा कि उन 128 गांवों के लोगों को सात दिनों तक पका हुआ भोजन या खाना पकाने की सामग्री और सूखा भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि स्थानीय पंचायत निकाय और ब्लॉक स्तर के अधिकारी इसकी व्यवस्था करेंगे।

जेना ने कहा, ‘‘इन गांवों से सड़क संपर्क टूटा हुआ है क्योंकि इन्हें जोड़ने वाली सड़कों पर पानी अभी भी बह रहा है।’’

उन्होंने कहा कि ग्रामीण विकास विभागों की 605 सड़कों में से 495 का मरम्मत का कार्य किया जा रहा है जबकि शेष का कार्य 24 घंटे में पूरा कर लिया जायेगा। उन्होंने कहा कि केंद्रपाड़ा, जगतसिंहपुर और जाजपुर जिलों में बिजली आपूर्ति का काम शुरू हो गया है जो जल्द ही पूरा कर लिया जाए।

इस बीच कटक से मिली खबर के अनुसार अत्यंत भीषण चक्रवाती तूफान 'यास' से उत्पन्न चुनौतियों के बीच ओडिशा पुलिस ने बुधवार को अपने समर्पित ग्रीन कॉरिडोर के माध्यम से तरल चिकित्सकीय ऑक्सीजन ले जाने वाले वाहनों की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित की।

राज्य पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है, अंगुल जिले से हैदराबाद और विशाखापत्तनम के लिए चार ऑक्सीजन टैंकर भेजे गए, जबकि ऐसे दो वाहनों ने राज्य के भीतर जाजपुर जिले से बेरहामपुर और भुवनेश्वर में मेडिकल ऑक्सीजन पहुंचाई।

भाषा अमित माधव

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