कोलकाता, 26 मई (भाषा) चक्रवात यास ने कोलकाता बंदरगाह के अधिकारियों को कुछ समय के लिए परेशानी में डाल दिया क्योंकि हुगली नदी का बढ़ता पानी उसके हल्दिया बंदरगाह के बाहरी द्वार की ऊंचाई को पार कर गया, जिससे बुधवार को वहां जल स्तर लगभग आठ मीटर तक चला गया। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।

बंदरगाह के अध्यक्ष विनीत कुमार ने कहा कि हालांकि, पानी 30 मिनट से अधिक समय तक नही टिका और पूर्व मेदिनीपुर जिले में हल्दिया बंदरगाह में जहाजों या संपत्तियों को कोई नुकसान नहीं हुआ।

अधिकारियों ने बताया कि कोलकाता में कुमार और दिल्ली से केंद्रीय जहाजरानी मंत्री मनसुख मंडाविया चक्रवात की स्थिति की निगरानी कर रहे हैं ताकि किसी भी संभावित घटना के दौरान त्वरित कार्रवाई की जा सके।

कुमार ने पीटीआई-भाषा को बताया, 'स्थिति नियंत्रण में है। सभी जहाज और उपकरण सुरक्षित हैं। कोई हताहत नहीं हुआ है। पानी बैरल में भर गया और जलस्तर आठ मीटर तक बढ़ गया, जबकि लॉक गेट की ऊंचाई सात मीटर है।'

हालांकि हल्दिया डॉक के एक अधिकारी ने कहा कि वे कुछ समय के लिए परेशानी में पड़ गए थे लेकिन समस्या अस्थायी है।

उन्होंने कहा, 'कोई बड़ी समस्या नहीं है। अतिरिक्त पानी निकालने के लिए पंपों को सेवा में लगाया गया है।'

कुमार ने कहा कि उन्हें चक्रवात के कारण बंदरगाह में किसी बड़े नुकसान की आशंका नहीं है।

उत्तर ओडिशा और पड़ोसी पश्चिम बंगाल में 130-145 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाओं के साथ समुद्र तटों से टकराने के बाद बुधवार की अपराह्र भीषण चक्रवाती तूफान ‘यास’ कमजोर पड़ गया। तूफान के कारण इन दो पूर्वी राज्यों में निचले इलाकों में पानी भर गया।

भाषा कृष्ण उमा

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