कोलकाता 23 मई (भाषा) कोल इंडिया की सहायक कंपनी सीएमपीडीआई ने बताया कि कोयला खनन क्षेत्रों में उच्च तकनीक वाले ड्रोन की तैनाती में कोविड-19 के कारण लगे प्रतिबंधों के चलते देरी हो गई है।

केंद्रीय खान योजना और डिजाइन संस्थान (सीएमपीडीआई) कोयले की खदानों का सर्वेक्षण करने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल करने वाले संगठनों में से एक है।

सीएमपीडीआई के जियोमैटिक्स विभाग के महाप्रबंधक राजनीश कुमार ने पीटीआई-भाषा से कहा, ‘‘कंपनी ने कोल खनन क्षेत्रों के विशेष सर्वेक्षण के लिए ड्रोन की तैनाती की योजना बनाई थी। ड्रोन की मदद से उच्च गुणवत्ता वाली फोटो और खनन की 3डी की मैपिंग और वॉल्यूमेट्रिक माप आसानी से जुटाया जा सकेगा।’’

उन्होंने कहा, ‘‘नागर विमानन महानिदेशालय द्वारा अनुमति मिलने के बाद हम ड्रोन की तैनाती के लिए तैयार हैं। ड्रोन डाटा के संचालन और रखरखाव के लिए प्रशिक्षण 25 अप्रैल से निर्धारित किया गया था। लेकिन लॉकडाउन के कारण इसे आयोजित नहीं किया जा सका।’’

उन्होंने कहा,‘‘वर्तमान में उच्च गुणवत्ता के सेंसर वाले दो ड्रोन ख़रीदे गए है जिनकी कीमत दो दो करोड़ रुपये हैं। सीएमपीडीआई रोजाना किये जाने वाले कार्यों पर नजर रखने और सर्वेक्षण करने के लिए प्रौद्योगिकी की मदद ले रहा हैं। ड्रोन से उत्पन्न डाटा खनिक की कोयला खदानों में दक्षता, उत्पादकता और सुरक्षा बढ़ाने में मदद करेगा।’’

भाषा जतिन मनोहर

मनोहर