बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जातीय जनगणना को लेकर पीएम नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिखी थी. जिसका जवाब नीतीश कुमार को भेजा गया है. करीब 10 दिन बाद मिले जवाब में नीतीश कुमार को मुलाकात करने का समय दिया गया है. हालांकि, इस मामले में नीतीश कुमार सीधे पीएम मोदी से मुलाकात नहीं करेंगे बल्कि एक प्रतिनिधि मंडल उनके साथ बैठक करेंगे.

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गुरुवार को बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जाति आधारित जनगणना को लेकर बिहार के प्रतिनिधि मंडल से 23 अगस्त को मुलाकात करेंगे.

यह भी पढ़ेंः जगदानंद के खिलाफ तेज प्रताप ने खोला मोर्चा, कहा- 'लालू यादव से पूछिए Who is Tej Pratap Yadav'

नीतीश ने ट्वीट किया, ‘‘जाति आधारित जनगणना के लिए बिहार के प्रतिनिधि मंडल के साथ आदरणीय प्रधानमंत्री से मिलने का समय मांगा था. आदरणीय प्रधानमंत्री का बहुत-बहुत धन्यवाद कि उन्होंने 23 अगस्त को मिलने का समय दिया.’’

नीतीश कटिहार और पूर्णिया के बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों के दौरे से बुधवार को पटना लौटे. उन्होंने पटना हवाई अड्डे पर पत्रकारों से बातचीत के दौरान जातीय जनगणना को लेकर केन्द्र सरकार से पत्र का जवाब मिलने के संबंध में पूछे गए एक प्रश्न का उत्तर देते हुए कहा था कि इसके संबंध में बहुत जल्द खबर मिल जायेगी.

यह भी पढ़ेंः सीएम योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश में किए 5 बड़े ऐलान, युवाओं को खास तोहफा

आपको बता दें, नीतीश कुमार ने कई बार जातीय जनगणना की मांग केंद्र सरकार से कर चुके हैं. हालांकि, अब उन्हें इस पर बात करने का समय दिया गया है. वहीं, नीतीश कुमार ने पहले कहा था कि, जातीय जनगणना सबके हित के लिए है. ये एक बार होना जरूरी है. पहले जो जातीय जनगणना हुई थी वह काफी पुरानी हो चुकी है, जिससे सही आंकड़ा नहीं मिल रहा है. अगर जातीय जनगणना होती है तो सबके लिए हित का कार्य होगा. इससे विकास के कार्यों में सहायता मिलेगी.

यह भी पढ़ेंः सीएम योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश में किए 5 बड़े ऐलान, युवाओं को खास तोहफा