नयी दिल्ली, 22 मई (भाषा) कोविड-19 से संक्रमित पाए गए दो रोगियों की छोटी आंत में म्यूकोरमाइकोसिस संक्रमण का मामला सामने आया है और चिकित्सकों ने इसे ‘‘दुर्लभ’’ मामला करार दिया है।

म्यूकोरमाइकोसिस या काला कवक (ब्लैक फंगस) सामान्य तौर पर फेफड़ों को संक्रमित करता है। आंत या जीआई म्यूकोरमाइकोसिस काफी ‘‘दुर्लभ बीमारी’’ है और इसमें पेट या बड़ी आंत प्रभावित होती है। यह जानकारी सर गंगा राम अस्पताल के चिकित्सकों ने यहां दी।

अपनी पत्नी सहित परिवार के तीन लोगों को कोविड-19 बीमारी से गंवा चुके दिल्ली के 56 वर्षीय व्यक्ति ने जब अपने पेट में दर्द का अनुभव किया तो बामुश्किल अपनी पत्नी का अंतिम संस्कार कर पाया। अस्पताल ने बयान जारी कर कहा कि वह और उसकी पत्नी कोरोना वायरस से संक्रमित हुए थे और शुरू में उनमें हल्के लक्षण थे।

इसने बताया कि उसके पेट में दर्द को गैस के कारण या तनाव के कारण माना गया और एसिडिटी के लिए उसने खुद से दवा ली, जिससे उचित उपचार में तीन दिनों का विलंब हुआ।

इसने बताया कि अंतत: सर गंगा राम अस्पताल के कोविड आपातकाल कक्ष में डॉ. उशाश्त धीर ने उसकी बीमारी का पता लगाया।

अस्पताल के अधिकारियों ने बताया कि सीटी स्कैन से पता चला कि उसकी छोटी आंत संक्रमित है। रोगी कोविड से भी पीड़ित था और जल्दबाजी में उसकी सर्जरी की गई।

एक अन्य मामले में 68 वर्षीय व्यक्ति को पेट दर्द महसूस हुआ। वह मधुमेह से पीड़ित थे और कोविड के इलाज में उन्हें स्टेरॉयड दिया गया था। बयान में बताया गया कि उनके क्लीनिकल परीक्षण में आंत में संक्रमण की बात सामने नहीं आई।

लेकिन सीटी स्कैन में उनका मामला भी पहले मामले की तरह ही निकला जिसमें छोटी आंत संक्रमित थी।

चिकित्सकों का कहना है कि जीआई म्यूकोरमाइकोसिस विरल है और कोविड-19 से पीड़ित होने के बाद स्टेरायड लेने वाले मरीजों को पेट का जल्द से जल्द सीटी स्कैन कराना चाहिए।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सर गंगा राम अस्पताल में अभी तक काला कवक के 60 से अधिक मामले सामने आए हैं।