दिल्ली की एक अदालत ने गणतंत्र दिवस पर तीन नए कृषि कानूनों (Farm Laws) के खिलाफ किसानों की ट्रैक्टर परेड के दौरान लाल किले पर हुई हिंसा (Red Fort Violence) के मामले में पंजाब से गिरफ्तार किए गए एक व्यक्ति को बुधवार को सात दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया. दिल्ली पुलिस के विशेष प्रकोष्ठ ने इकबाल सिंह को होशियारपुर से गिरफ्तार किया और आज उसे दिल्ली लेकर आयी.

इकबाल पर 50,000 रुपये का इनाम घोषित किया गया था. उसे मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट पूर्वा मेहरा के समक्ष पेश किया गया, जिन्होंने उसे पूछताछ के लिए हिरासत में भेज दिया. पुलिस ने अदालत से आग्रह किया कि घटना को लेकर सामने आए कई वीडियों की जांच करने और अन्य आरोपी व्यक्तियों की पहचान करने में मदद के लिए उसे हिरासत में लेकर पूछताछ करने की आवश्यकता है, जिसके बाद अदालत ने यह मंजूरी दे दी.

पुलिस ने 10 दिनों के लिए उसकी हिरासत की मांग करते हुए कहा कि सिंह कथित रूप से हिंसा के मुख्य साजिशकर्ताओं में से एक है और यह पता लगाने की आवश्यकता है कि उसके पैसे कहां से आ रहे हैं.  जांच अधिकारी ने कहा कि इस मामले में मंगलवार को गिरफ्तार किए गए अभिनेता-कार्यकर्ता दीप सिद्धू से सिंह के कथित संबंध का पता लगाने की जरूरत है. पुलिस ने आरोप लगाया कि हिंसा को सुनियोजित ढंग से अंजाम दिया गया था.

पुलिस ने कहा, “सैकड़ों वीडियो हैं. हमें इन सब के साथ उसकी संलिप्तता का पता लगाने की जरूरत है. हमें यह पता लगाने की जरूरत है कि कौन लोग हैं जो उसके साथ आए थे और वे किससे जुड़े हैं. वह हिंसा को भड़काने वाले मुख्य लोगों में से एक था. यह एक साजिश थी.”

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जांच अधिकारी ने आरोप लगाया कि सिंह ने एक समाचार चैनल पर एक घंटे से अधिक समय तक लाइव वीडियो किया जिसमें उसे भीड़ को हिंसा के लिए उकसाते हुए देखा जा सकता है. उन्होंने कहा कि हमें पंजाब जाकर उस समाचार चैनल की छानबीन करने की जरूरत है. हमें यह पता लगाने की जरूरत है कि उसकी फंडिंग कहां से आ रही है.

हालांकि, सिंह ने दावा किया कि वह हिंसा करने के लिए लाल किले नहीं गया था और उसने उस दौरान जो कुछ भी कहा या किया वह तात्कालिक क्षण का असर था. गौरतलब है कि 26 जनवरी को ट्रैक्टर परेड के दौरान हजारों किसानों की पुलिस के साथ झड़प हो गई थी. हिंसा में 500 से अधिक पुलिस कर्मी घायल हो गए थे और एक प्रदर्शनकारी की मौत हो गई थी.

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