नयी दिल्ली, 25 मई (भाषा) दिल्ली पुलिस ने ‘कोविड टूलकिट’ मामले में कांग्रेस के दो नेताओं को नोटिस भेजा है और मामले में शिकायत के संबंध में उन्हें जांच का हिस्सा बनने के लिए कहा है। अधिकारियों ने मंगलवार को इस बारे में बताया।

पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कांग्रेस के सोशल मीडिया विभाग के प्रमुख रोहन गुप्ता और पार्टी प्रवक्ता एम वी राजीव गौड़ा को जांच के संबंध में नोटिस भेजे जाने की पुष्टि की है।

अधिकारी ने बताया, ‘‘ये कोई नए नोटिस नहीं हैं। कांग्रेस से मिली शिकायत के आधार पर करीब आठ-नौ दिन पहले ये नोटिस भेजे गये थे। उन्हें जांच में शामिल होने के लिए कहा गया है ताकि जांच को आगे बढ़ाने में हमें मदद मिल सके।’’

शिकायत के संबंध में शुरुआती जांच दिल्ली पुलिस के विशेष प्रकोष्ठ की टीम कर रही है और मामले में अब तक कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं की गयी है।

दिल्ली पुलिस के विशेष प्रकोष्ठ की टीम ने कथित ‘‘कोविड टूलकिट’’ के बारे में शिकायत को लेकर जांच के संबंध में ट्विटर इंडिया को सोमवार को नोटिस भेजा था और उसे उन सूचनाओं को साझा करने को कहा था, जिसके आधार पर भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा के ट्वीट को ‘‘मैन्युपुलेट मीडिया’’ बताया गया था।

पुलिस की टीम सोमवार को दिल्ली के लाडो सराय और गुरुग्राम में माइक्रोब्लॉगिंग साइट के कार्यालय पहुंची थी।

दिल्ली पुलिस के जनसंपर्क अधिकारी (पीआरओ) चिन्मय बिस्वाल ने कहा, ‘‘दिल्ली पुलिस की टीम अपनी नियमित प्रक्रिया के तहत ट्विटर को नोटिस देने के लिए ट्विटर कार्यालय पहुंची थी। यह जरूरी था क्योंकि हम यह जानना चाहते थे कि कौन सही व्यक्ति होगा, जिसे यह नोटिस दिया जाये क्योंकि ट्विटर इंडिया के एमडी के जवाब बेहद अस्पष्ट थे।’’

भाजपा ने आरोप लगाया है कि कांग्रेस ने कोविड-19 महामारी से निपटने को लेकर देश और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की छवि खराब करने के लिए एक ‘‘टूलकिट’’ बनाया। हालांकि, कांग्रेस ने इन आरोपों से इनकार किया है और दावा किया कि भाजपा पार्टी को बदनाम करने के लिए एक फर्जी ‘‘टूलकिट’’ को फैला रही है।

पिछले सप्ताह ट्विटर ने कथित ‘‘टूलकिट’’ पर पात्रा के एक ट्वीट को ‘‘मैन्युपुलेटेड मीडिया’’ करार दिया था। ट्विटर का कहना है कि वह ‘‘छेडछाड़ कर बनाये गये मीडिया (वीडियोज, ऑडियो और तस्वीरों) के साथ किये गये ट्वीट को इस श्रेणी में डाल सकता है।’’

बिस्वाल ने कहा कि दिल्ली पुलिस टूलकिट मामले में मिली शिकायत पर जांच कर रही है।

उन्होंने कहा, ‘‘ऐसा प्रतीत होता है कि ट्विटर के पास कुछ सूचनाएं हैं जिसके बारे में हम अवगत नहीं हैं और जिसके आधार पर ही उन्होंने उस ट्वीट (पात्रा के ट्वीट) को ‘‘मैन्युपुलेटेड मीडिया’’ की श्रेणी में डाला। यह सूचना जांच के लिए प्रासंगिक है। मामले में जांच कर रही स्पेशल सेल सच का पता लगाना चाहती है। ट्विटर इस सच को जानने का दावा करता है, उसे स्पष्टीकरण देना चाहिए।’’

सरकार ने इससे पहले ट्विटर को ‘‘मैन्युपुलेट मीडिया’’ टैग हटाने के लिए कहा था क्योंकि मामले में अभी जांच लंबित है और यह भी स्पष्ट किया था कि सोशल मीडिया मंच जांच के दौरान मुद्दे पर अपना फैसला नहीं दे सकता है।

पात्रा समेत भाजपा नेताओं ने कथित ‘‘टूलकिट’’ को लेकर कांग्रेस पर हमला करते हुए कई ट्वीट किये थे।