महाराष्ट्र में एंटीलिया मामले के बाद से सियासी उठापटक तेज हो गई है. बीजेपी लगातार कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही है. वहीं, बीजेपी की सहयोगी आरपीआई पार्टी के अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन की मांग की है.

रामदास अठावले ने शुक्रवार को कहा, 'मैं राष्ट्रपति कोविंद से मिला और उन्हें आरपीआई (ए) पार्टी की ओर से महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन की मांग के लिए एक ज्ञापन दिया. यह एक गंभीर मामला है. महाराष्ट्र सरकार को हटाने तक कोई जांच नहीं हो सकती. उन्होंने कहा कि वह इस पर विचार करेंगे.'

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वहीं, महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने कहा, 'सीएम उद्धव ठाकरे ने आज उनसे मिलने के लिए राज्यपाल से समय मांगा था लेकिन राज्यपाल स्टेशन से बाहर हैं. पहले दिन से, विपक्ष चाहता था कि हमारी सरकार गिर जाए लेकिन हम पूर्ण बहुमत में हैं.'

इससे पहले बीजेपी नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से मुलाकात कर एक ज्ञापन सौंपा जिसमें राज्य के मुख्य सचिव से कानून व्यवस्था को लेकर ‘स्थिति रिपोर्ट’ तलब करने का अनुरोध किया गया है.

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नेता प्रतिपक्ष देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि भाजपा नेताओं ने राज्यपाल से अनुरोध किया है कि वह राज्य सरकार से विस्तृत रिपोर्ट तलब करें क्योंकि मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे पिछले दिनों 'कई घोटाले' सामने आने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं.

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उन्होंने कहा, जबरन वसूली का खुलासा हो गया...स्थानांतरण रैकेट भी है...राज्य के अधिकारियों को धमकी दी जा रही...यह सब चिंताजनक है लेकिन मुख्यमंत्री चुप्पी साधे हुए हैं.