देश में कोरोना वायरस संक्रमण तेजी से फैल रहा है. इसके साथ ही मरीज बढ़ने से रेमडेसिविर इंजेक्शन की मांग भी तेज हो गई है. हालांकि, सरकार ने रेमडेसिविर की काला बाजारी पर रोक लगाने के निर्देश दिए हैं. लेकिन फिर भी महाराष्ट्र में रेमडेसिविर के लिए प्रदर्शन किया जा रहा है. वहीं, मध्य प्रदेश में गुरुवार को रेमडेसिविर की 9600 इंजेक्शन हवाई मार्ग से पहुंचायी गई है.

महाराष्ट्र के पुणे में COVID-19 रोगियों के रिश्तेदार और परिजन रेमडेसिविर की मांग करते हुए कलेक्टर कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए. एक महिला कहती है, "मेरे पिता पिछले 6 दिनों से अस्पताल में भर्ती हैं, उनकी दवाएं पूरी तरह से शुरू नहीं हुई हैं. वे आईसीयू में हैं. मैंने सभी शहरों में रेमडेसिविर की तलाश की है." महिला ने बताया कि अस्पताल ने कहा कि इंजेक्शन उन्हें खुद लाना है.

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वहीं, रेमडेसिविर को लेकर पुणे के एडिशनल कलेक्टर विजय देशमुख ने कहा, हमारे यहां क़रीब 45,000 इंजेक्शन की मांग है, हम इंजेक्शन का स्टॉक बराबर बांट रहे हैं. चार-पांच दिन में हालात ठीक हो जाएंगे. कोविड प्रोटोकॉल के मुताबिक सिर्फ गंभीर मरीज़ों को ही रेमडेसिविर देना है, प्रोटोकॉल के हिसाब से ज़्यादा मांग हो रही है.

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वहीं, कोविड-19 की दूसरी लहर के घातक प्रकोप के बीच रेमडेसिविर दवा की कुल 9,600 शीशियां गुरुवार को मध्य प्रदेश पहुंचीं जहां से इन्हें सरकारी विमान और हेलिकॉप्टर के जरिये राज्य के अलग-अलग हिस्सों में भेजा गया.

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पीटीआई के मुताबिक, अधिकारियों ने बताया कि कोविड-19 की जरूरी दवा की यह खेप महाराष्ट्र के नागपुर से ट्रक के माध्यम से इंदौर के देवी अहिल्याबाई होलकर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पहुंची. उन्होंने बताया कि हवाई अड्डे से इसे सरकारी विमान और हेलीकॉप्टर के जरिये प्रदेश के विभिन्न जिलों में भेजा गया.

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