ठाणे, 22 मई (भाषा) मासिक धर्म से संबंधित वर्जनाओं को तोड़ने पर केंद्रित ‘मासिक महोत्सव’ कोविड-19 महामारी के चलते भारत और नेपाल में जहां ‘ऑनलाइन’ माध्यम से मनाया जा रहा है, वहीं छह अफ्रीकी देशों में यह ‘ऑफलाइन’ तरीके से मनाया जा रहा है।

शुक्रवार से शुरू हुए महोत्सव में भारत और नेपाल में जहां वर्चुअल कार्यक्रम हो रहे हैं, वहीं कीनिया, नांबिया, रवांडा, दक्षिण सूडान, युगांडा और जांबिया में भौतिक रूप से कार्यक्रम आयोजित हो रहे हैं।

ठाणे आधारित गैर सरकारी संगठन म्यूज फाउंडेशन ने एक विज्ञप्ति में कहा कि कोविड-19 महामारी के चलते और विस्तारित हुई आर्थिक विषमता ने एशिया एवं अफ्रीका में महिलाओं के लिए मासिक धर्म के दौरान इस्तेमाल किए जाने वाले सुरक्षित उत्पादों तक पहुंच को प्रभावित किया है।

इसने कहा कि लॉकडाउन की वजह से हुए ‘उलट-प्रवास’ के चलते भारत के गांवों में और अधिक महिलाएं पीछे छूट गई हैं जिनकी मासिक धर्म उत्पादों तक थोड़ी-बहुत या बहुत कम पहुंच है, या फिर बिलकुल पहुंच नहीं है।

विज्ञप्ति में कहा गया कि महोत्सव में मासिक धर्म संबंधी सुरक्षित एवं टिकाऊ उत्पाद तरीकों पर प्रकाश डाला जाएगा जो महिलाओं के स्वास्थ्य और पर्यावरण के लिए अनुकूल हों।

भाषा

नेत्रपाल पवनेश

पवनेश