चेन्नई, 23 मई (भाषा) तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन ने रविवार को जिलाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे 24 मई से शुरू हो रहे एक सप्ताह के सख्त लॉकडाडन के दौरान कोरोना वायरस की महामारी को रोकने के लिए घर-घर सर्वेक्षण कर लक्षण वाले लोगों का पता लगाने जैसे कदमों का विस्तार करें।

मुख्यमंत्री ने अन्य कदमों में संक्रमितों का समय से पता लगाने के लिए चिकित्सा शिविर आयोजित करने, जांच बढ़ाने और बिना ढिलाई टीकाकरण को रेखांकित किया।

स्टालिन ने जिलाधिकारियों, पुलिस अधीक्षकों और चिकित्सा अधिकारियों को वीडियो कांफ्रेंस के जरिये सचिवालय से संबोधित करते हुए कहा कि सख्त लॉकडाउन के दौरान सब्जी, फलों, दूध और पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए जाने चाहिए।

उन्होंने कहा कि ऑक्सीजन और जीवन रक्षक दवाओं की उपलब्धता पर निगरानी रखना और अपने-अपने जिलों में संक्रमण दर को कम करना जिलाधिकारियों का लक्ष्य होना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि संक्रमण की कड़ी को तोड़ने के लिए लोगों से लॉकडाउन का अनुपालन कराने के दौरान यह सुनिश्चित किया जाना चााहिए कि छूट दी गई गतिविधियां जैसे कृषि उत्पादों का परिवहन प्रभावित नहीं हो।

स्टालिन ने कहा कि सरकारी अस्पतालों में भर्ती मरीजों को गुणवत्ता युक्त भोजन, दूध और पानी सुनिश्चित किया जाना चाहिए और लक्षण वाले मरीजों या संक्रमित मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए।

गौरतलब है कि सरकार ने 24 मई से 31 मई तक सख्त लॉकडाउन लगाने का फैसला किया है। इस दौरान सब्जी और किराने की दुकानें भी बंद रहेंगी जिन्हें अब तक सुबह छह बजे से 10 बजे तक खुला रखने की अनुमति दी गई थी।