आज के समय में सुबह का नाश्ता दिन में और दोपहर का खाना शाम को होता है जबकि रात का खाने का कोई पता नहीं होता. इसकी वजह से पेट में जलन की समस्या शुरु हो जाती है और अगर इसका इलाज नहीं होता है तो बीमारियां भी हो जाती हैं. अगर आपको भी पेट की समस्याएं या फिर पेट में जलन की समस्या है तो ये खबर आपके लिए ही है.

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क्या हैं पेट में जलन के लक्षण?

मानव शरीर में कोई भी बीमारी होने से पहले उसके लक्षण दिखने लगते हैं. पेट में जलन होने से पहले भी कुछ ना कुछ लक्षण देखने को आसानी से मिल जाते हैं. वैसे पेट में जलन के कुछ सामान्य लक्षण होते हैं जिन्हें पहचानने पर इसका उपाय शुरु कर देन चाहिए.

1. पेट, सीने, इसोफेगस और गले में अजीब सी हलचल

2. जी मिचलाना या उल्टी का हो जाना

3. पेट में गैस का बनना

4. बार-बार खराब डकार आना

5. पेट का फूलकर कड़़ा हो जाना

6. गले में खराश होकर जलन होने लगना

7. खांसी या घबराहट का होना

8. हिचकी आना और पानी पीने के बाद भी ठीक नहीं होना

9. कुछ निगलने में परेशानी होना

10. सिर का भारी हो जाना

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पेट में जलन रोकने के घरेलू उपाय

सेब का सिरका- एक गिलास पानी में दो से तीन चम्मच सेब का सिरका मिलाकर हर रोज रात में पी लें. अगर स्वाद सही नहीं लगे तो आप शहद का इस्तेमाल भी कर सकते हैं. जब पेट के एसिड से आपको इसोफेगस में जलन का अनुभव हो तब ज्यादा एसिड के सेवन से इसे शांत किया जा सकता है. सेब का सिरका पेट की जलन का रामबाण उपाय माना जाता है.

सौंफ खांए- पेट में जलन होने पर सौंफ खाने से आराम मिलता है. सौंफ भोजन को पचाने वाला रस होता है इसलिए अगर हो सके तो हर दिन खाने के बाद सौंफ जरूर खाएं इससे पाचन तंत्र भी ठीक रहता है और जलन भी नहीं होती है.

जीरा और नींबू- अगर पेट मे बहुत जलन हो रही है तो एक गिलास पानी में एक नींबू आधा चम्मच भुने हुए जीरे का पाउडर मिलाकर नमक मिलाकर पी जाएं. इससे जलन तुरंत ठीक हो जाती है.

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एलोवेरा जेल- आधे कप एलोवेरा जेल को पानी के साथ खाना खाने से पहले खा लें. एलोवेरा जेल में एंथ्राक्विनोन के गुण पाए जाते हैं जिनमें प्राकृतिक रूप से पेट साफ करने का गुण का होता है. यह न केवल आपकी आंत में पानी की मात्रा को बढ़ाता है, बल्कि जल स्राव को भी बढ़ाता हैं जिससे मल आसानी से त्यागा जा सकता है.

दूध का सेवन- एक गिलास ठंडे दूध को खाने के बाद पिएं. एसिडिटी की परेशानी को कम करने के लिए भोजन करने के कुछ देर बाद ये दूध पिएं. इसमें गैस्ट्रिक एसिड को स्थिर करने में मदद करता है और आपको एसिडिटी से राहत दिलाता है. अगर आपको लैक्टोज और कैसिन से एलर्जी है तो इस नुस्खे को नहीं करें.

ग्रीन टी- एक कप ग्रीन टी में शहद मिलाकर पिएं इससे पेट की जलन खत्म होती है. इसका सेवन आप दिन में दो बार कर सकते हैं. हर्बल चाय में एसि़ड को बेअसर करने वाला गुण पाया जाता है. यह चाय पेट की जलन को शांत करता करती है. इसमें मौजूद एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण इसोफेगस में होने वाले जलन को भी कम करता है.

डिस्क्लेमर- यहां लिखी बातें सामान्य जानकारी पर आधारित है. पेट की समस्या कभी-कभी गंभीर भी हो सकती है इसलिए किसी भी उपाय को अपनाने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें.

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