दुनिया की नंबर-1 पहलवान विनेश फोगाट (Vinesh Phogat) को टोक्यो ओलंपिक 2020 के क्वार्टरफाइनल मुकाबले में ही हार का सामना करना पड़ा था. इसके बाद उनके दुर्व्यवहार की खबर आई और रेसलिंग फेडरेशन ऑफ़ इंडिया (WFI) ने अनुशासनहीनता के लिए उन्हें अस्थाई रूप से सस्पेंड कर दिया. विनेश ने लिखित माफ़ी मांग ली है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के अगले दिन 16 अगस्त को ओलंपिक से लौटे खिलाड़ियों को अपने आवास 7 लोक कल्याण मार्ग पर ब्रेकफास्ट के लिए आमंत्रित किया. इस दौरान उन्होंने पदक जीतने वाले खिलाड़ियों के साथ ही पहलवान विनेश फोगाट से भी बात की. जिसका वीडियो 18 अगस्त को PIB ने साझा किया है.    

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पहलवान विनेश फोगाट से पीएम मोदी ने कहा, "और विनेश... यह तो मेरे ही परिवार की है... इतना गुस्सा नहीं करते... खिलाड़ी की जिंदगी में हारना तो बाएं हाथ का खेल होता है... यह तो खेल का हिस्सा है... जीत को कभी सिर पर चढ़ने मत दो, और हार को मन में बसने न दो. यह मंत्र जीवन में बहुत जरूरी है. मैंने सुना तुम आने के बाद किसी से मिलती नहीं थी." इसके साथ ही पीएम ने विनेश को पूरे परिवार के साथ पीएम आवास पर आमंत्रित किया.  

विनेश चौंकाने वाली क्वार्टरफाइनल हार के बाद टोक्यो ओलंपिक से बाहर हो गई थीं. विनेश फोगाट के ऊपर तीन अनुशासनहीनता के आरोप लगे हैं. कोच वोलेर एकोस के साथ हंगरी में ट्रेनिंग करते हुए विनेश सीधे टोक्यो पहुंच गई थीं जहां उन्होंने खेल गांव में रहने और भारतीय टीम के दूसरे सदस्यों के साथ ट्रेनिंग करने से मना कर दिया था.

WFI ने पीटीआई को बताया था, "यह अनुशासनहीनता है और उन्हें फिलहाल अस्थाई रूप से निलंबित किया गया है. कुश्ती से जुडी सभी गतिविधियों से उन्हें कुछ समय के लिए दूर किया गया है. अगर वह जवाब नहीं देती हैं तो वहकिसी राष्ट्रीय या घरेलू प्रतियोगिताओं में भाग नहीं ले पाएंगी."

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