पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के बहावलनगर में बड़ा हादसा हुआ है. यहां मुहर्रम के जुलूस में सड़क पर हुए बम विस्फोट में 2 लोगों की मौत हो गई है और 25 घायल हो गए हैं. मरने वालों में एक सात साल की बच्ची शामिल हैं. यह घटना लाहौर से लगभग 260 किलोमीटर दूर बहावलनगर में हुई, जब एक शिया जुलूस वार्षिक आशूरा स्मारक के हिस्से के रूप में इमामबर्ग जा रहा था.

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में देखा जा सकता है कि विस्फोट के बाद लोग दहशत में इधर-उधर भाग रहे हैं और एंबुलेंस घायलों को अस्पताल ले जा रही है.

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पीटीआई के मुताबिक, वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बम विस्फोट की खबर की पुष्टि की और कहा एक व्यक्ति ने उच्च सुरक्षा के बावजूद जुलूस पर ग्रेनेड फेंके. जिसमें सात साल की बच्ची माहीन और 20 साल के सलमान समेत दो लोगों की मौत हो गई, जबकि 25 से ज्यादा लोग घायल हो गए." उन्होंने कहा कि जब सुबह 10 बजे जमाया मस्जिद मोहजीर कॉलोनी से जुलूस गुजरा तो संदिग्ध ने ग्रेनेड फेंके. हालांकि, पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है.

मुल्तान के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने यह भी कहा कि पुलिस ने उस व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया है और उससे हिरासत में पूछताछ की जा रही है. उसके किससे संपर्क थे यह जांच की जा रही है.

पंजाब सरकार के एक अन्य वरिष्ठ अधिकारी ने हमले में दो लोगों की मौत और सैकड़ों घायल होने की पुष्टि की और कहा कि यह एक संवेदनशील मामला है, इसलिए पुलिस और सरकार कोई बयान जारी नहीं कर रही है. उन्होंने कहा, "देश में आशूरा के जुलूस चल रहे हैं और हम इस दुखद खबर से दहशत पैदा नहीं करना चाहते हैं."

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बहावलनगर गुरुवार को ट्विटर पर ट्रेंड कर रहा था जब लोग घटना के वीडियो पोस्ट कर रहे थे, यहां तक ​​कि कराची, हैदराबाद, क्वेटा और सुक्कुर सहित पाकिस्तान के प्रमुख शहरों में मोबाइल सेवाएं निलंबित रहीं, ताकि आशूरा जुलूस के दौरान किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके.

मुहर्रम पर इमाम हुसैन की शहादत की याद में गुरुवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शिया मुसलमानों ने पूरे पाकिस्तान में जुलूस निकाला. इस वार्षिक स्मरणोत्सव पैगंबर मुहम्मद के पोते हुसैन की मृत्यु का शोक मनाया जाता है.

प्रधान मंत्री इमरान खान और राष्ट्रपति आरिफ अल्वी ने अपने अलग-अलग संदेशों में नागरिकों से कोरोनावायरस मानक संचालन प्रक्रियाओं का अनुपालन सुनिश्चित करने का आग्रह किया.

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रेडियो पाकिस्तान ने खान के हवाले से कहा, "इमाम हुसैन झूठ के खिलाफ ताकत और आने वाले समय में अत्याचार के खिलाफ लड़ने वाले सभी आंदोलनों की ताकत के प्रतीक बन गए."

वहीं, राज्य प्रसारक ने बताया कि राष्ट्रपति ने राष्ट्र से इमाम हुसैन की शिक्षाओं के अनुरूप नफरत, द्वेष और सांप्रदायिकता से ऊपर उठने का आग्रह किया.