नयी दिल्ली, 19 अप्रैल (भाषा) रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) ने सोमवार को कहा कि उसने अत्यंत ऊंचे इलाकों में तैनात सैनिकों तथा कोविड-19 रोगियों के लिए एसपीओ2 आधारित पूरक ऑक्सीजन आपूर्ति प्रणाली विकसित की है।

डीआरडीओ ने एक बयान में कहा, ‘‘यह स्वचालित प्रणाली एसपीओ2 (रक्त में ऑक्सीजन की परिपूर्णता) के स्तर के आधार पर पूरक ऑक्सीजन की आपूर्ति करती है और व्यक्ति को हायपॉक्सिया की स्थिति में जाने से रोका जा सकता है जो अधिकतर मामलों में घातक होती है।’’

हायपॉक्सिया की स्थिति में शरीर में ऊतकों तक पहुंच रही ऑक्सीजन की मात्रा शरीर की ऊर्जा संबंधी सभी जरूरतों के लिए अपर्याप्त होती है।

डीआरडीओ ने कहा, ‘‘वायरस संक्रमण के कारण कोविड-19 के रोगियों में भी बिल्कुल ऐसी ही स्थिति होती है और इसी वजह से मौजूदा संकट के हालात बने हैं।’’

अगर कोविड-19 रोगी का एसपीओ2 स्तर 94 से नीचे चला जाता है तो उसे सामान्य रूप से तत्काल डॉक्टर से संपर्क करने या जरूरत होने पर अस्पताल में भर्ती होने की सलाह दी जाती है।

बयान में कहा गया कि नयी ऑक्सीजन आपूर्ति प्रणाली न केवल अति ऊंचाई वाले इलाकों में तैनात सेना के जवानों के लिए बल्कि कोविड-19 महामारी के इस गंभीर संकट में देश के लिए भी बहुत मूल्यवान है।

इसमें कहा गया, ‘‘चूंकि यह प्रणाली क्षेत्रीय परिस्थितियों के आधार पर परिचालन के लिए स्वदेशी स्तर पर विकसित की गयी है इसलिए सस्ती होने तथा मजबूती के मामले में दोहरी गुणवत्ता के साथ विशिष्ट है और इसका बड़ी मात्रा में उत्पादन भी हो रहा है।’’

भाषा

वैभव माधव

माधव