नयी दिल्ली, 28 अप्रैल (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने देश भर में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों को देखते हुए अदालतों या न्यायाधिकरणों में अपील करने की समय सीमा को बढ़ा दिया है।

न्यायमूर्ति एन वी रमण, न्यायमूर्ति सूर्य कांत और न्यायमूर्ति ए एस बोपन्ना की तीन सदस्यीय पीठ ने कहा कि कोरोना वायरस की दूसरी लहर के अचानक तेजी से बढ़ जाने की अभूतपूर्व स्थिति को देखते हुए सभी राज्यों में अपील करने वाले लोगों/आम लोगों की दिक्कतों को न्यूनतम करने के लिए अभूतपूर्व कदम उठाने की जरूरत है।

शीर्ष अदालत ने कहा, ‘‘इसलिए हम 23 मार्च 2020 के आदेश को पुनर्बहाल करते हैं और आठ मार्च 2021 के आदेश को जारी रखते हुए निर्देश देते हैं कि सभी न्यायिक एवं अर्द्ध न्यायिक कार्यवाहियों के संबंध में सामान्य या विशिष्ट कानून के तहत समय सीमा अगले आदेश तक बढ़ाई जाए।’’

शीर्ष अदालत ने कहा कि हम संविधान के अनुच्छेद142 और अनुच्छेद 141 के तहत यह आदेश पारित कर रहे हैं।

पीठ ने कहा, ‘‘अनुच्छेद 141 के तहत यह आदेश सभी अदालतों/न्यायाधिकरणों और प्राधिकरणों के जुलाई, लिए बाध्यकारी होगा। इस आदेश को सभी उच्च न्यायालयों के संज्ञान में लाया जाए ताकि वे अपने अधिकार क्षेत्र के सभी निचली अदालतों/न्यायाधिकरणों को इस बारे में सूचित कर सकें।’’

इसके साथ ही पीठ ने उच्च न्यायालयों के सभी रजिस्ट्रार जनरल को नोटिस जारी किये जिनका जवाब 19 जुलाई, 2021 तक देना है।

शीर्ष अदालत ने आठ मार्च को टिप्पणी की थी कि देश में ‘‘स्थिति सामान्य हो रही है’’ और कोविड-19 महामारी के कारण मार्च 2020 में अपील दायर करने के लिए बढ़ाई गई सीमा अवधि को समाप्त करने का निर्णय किया था।