शिवसेना के सांसद संजय राउत ने मंगलवार को कहा कि ऐसा लगता है कि बीजेपी का विरोध करने वालों को परेशान करना ही प्रवर्तन निदेशालय का ‘राष्ट्रीय दायित्व’ है. कथित धनशोधन के मामले में उनकी पत्नी वर्षा राउत को भेजे गये समन का हवाला देते हुए उन्होंने इस बात पर आश्चर्य प्रकट किया कि क्यों ईडी छोटी रकम वाले मामलों की जांच कर रही है.

राज्यसभा सदस्य ने कहा, ‘‘बीजेपी विरोधी लोगों को परेशान करना ही ईडी का राष्ट्रीय दायित्व जान पड़ता है. मुझे ईडी पर दया आती है, पहले उसकी कुछ प्रतिष्ठा होती थी.’’ उन्होंने कहा, ‘‘(अब) कोई भी इन संगठनों का सम्मान नहीं करता. यह देखना त्रासदपूर्ण है कि इन संगठनों को अंगुलिया पर नचाया जा रहा है.’’

ईडी संजय राउत की पत्नी से 55 लाख रूपये के ऋण के बारे में पूछताछ करना चाहती है जो उन्होंने एक ऐसे व्यक्ति की पत्नी से लिया था जो पीएमसी बैंक धोखाधड़ी मामले में आरोपी है.

शिवसेना सांसद ने कहा कि ईडी सामान्यत: कम से कम 100 करोड़ रूपय के मामलों को हाथ में लेती है, लेकिन ‘‘ऐसा लगता है कि देश के सामने कोई मुद्दा नहीं रह गया है इसलिए पुराने मामले को हाथ में लिया गया है.’’

उन्होंने कहा, ‘‘ ऋण और उसे लेने के कारण का मेरे राज्यसभा हलफनामों में उल्लेख है . (मीडिया के सामने) जो सूचना दी जा रही है, उसका पहले ही मेरे हलफनामों में जिक्र है. ’’

वैसे वर्षा राउत सोमवार को ईडी के सामने पेश नहीं हुईं.