केन्द्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने उम्मीद जताई है कि नयी शिक्षा नीति शिक्षा का केन्द्र होने के भारत के गौरव को दोबारा हासिल करने में मदद करेगी.

निशंक ओडिशा केन्द्रीय विश्वविद्यालय के 12वें स्थापना दिवस के अवसर पर बोल रहे थे. यह कार्यक्रम वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए किया गया था और इसे राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद, ओडिशा के राज्यपाल गणेशी लाल तथा कई गणमान्य लोगों ने संबोधित किया.

कोविंद ने छात्रों और युवाओं के विकास और वृद्धि के लिए मूल्य आधारित शिक्षा की जरूरत पर जोर दिया.

निशंक ने अपने संबोधन में कहा कि एक युग था जब विदेशी नागरिक भारत के शिक्षण कौशल के प्रति ‘‘आकर्षित’’ होते थे. उन्होंने विश्वविद्यालयों से शोध और विकास पर अधिक ध्यान केन्द्रित करने का अनुरोध करते हुए कहा,‘‘ अब वक्त है कि नयी शिक्षा नीति से उस प्रकार की शिक्षा हासिल की जाए. ’’

शिक्षा मंत्री ने कहा,‘‘ यह नीति क्षेत्र आधारित उद्योग-अकादमी-सरकारी साझेदारी को संपूर्ण क्षेत्र के विकास में मदद करेगी. ’’

राज्यपाल ने उम्मीद जताई कि पूरा देश नयी शिक्षा नीति के अतंर्गत पारंपरिक ज्ञान को उपयोग में लाएगा.

इस दौरान केन्द्रीय पेट्रोलियम एवं स्पात मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने और ऊंचाइयों पर पहुंचने के लिए एकजुट प्रयासों के महत्व पर जोर दिया.