मुंबई, 26 मई (भाषा) देश में 2025 तक नए वाहनों की बिक्री में इलेक्ट्रिक दोपहिया का हिस्सा करीब 8 से 10 प्रतिशत होगा। वहीं इलेक्ट्रिक तिपहिया का हिस्सा 30 प्रतिशत रहेगा। रेटिंग एजेंसी इक्रा ने बुधवार को यह बात कही।

इक्रा ने कहा कि परिचालन की कम लागत और आकर्षक सब्सिडी समर्थन की वजह से कुल वाहन बिक्री में इलेकट्रिक दोपहिया और तिपहिया की हिस्सेदारी बढ़ेगी।

रेटिंग एजेंसी ने हालांकि कहा कि मध्यम अवधि में कारों और ट्रकों के मामलों में यह स्तर नीचे रहेगा।

इक्रा ने कहा कि कैलेंडर वर्ष 2020 में वैश्विक स्तर पर नई कारों की बिक्री में इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी 4.4 प्रतिशत रही। चालू कैलेंडर वर्ष में यह पांच प्र्रतिशत से अधिक रहेगी।

इक्रा ने कहा कि इलेक्ट्रिक दोपहिया और तिपहिया खंडों की वाणिज्यिक चार्जिंग ढांचे पर निर्भरता काफी कम है क्योंकि उन्हें अधिक लंबी दूरी की यात्रा नहीं करनी होती। इसके अलावा उनके लिए बैटरी अदला-बदली की सुविधा भी है।

साथ ही परिचालन की लागत भी इलेक्ट्रिक दोपहिया और तिपहिया के पक्ष में है।

रेटिंग एजेंसी ने कहा कि भारत अपने बड़े दोपहिया और तिपहिया खंड का लाभ उठाकर वैश्विक स्तर पर प्रमुख इलेक्ट्रिक दोपहिया एवं तिपहिया विनिर्माता बन सकता है। हालांकि, इलेक्ट्रिक कारों के मामले में भारत पीछे रहेगा।

इक्रा ने कहा कि बीते कैलेंडर साल में कोविड-19 की वजह से वैश्विक स्तर पर वाहनों की मांग घटी। इसके बावजूद इलेक्ट्रिक वाहनों ने इससे पिछले साल की तुलना में 40 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की।

भाषा अजय

अजय महाबीर

महाबीर