महाराष्ट्र में के कई जिलों में लगातार कोरोना मरीजों की संख्या बढ़ रही हैं. जिसके बाद विशेषज्ञों ने कोरोना वायरस के नए स्ट्रेन की संभावना जताते हुए चेतावनी दी है. वहीं, मामलों को बढ़ते देख महाराष्ट्र सरकार ने सख्ती से नियमों का पालन करने का निर्देश जारी किया है. महाराष्ट्र में गुरुवार को रिकॉर्ड 5000 नए मामले दर्ज किए गए थे.

एक अधिकारी ने बताया,“ नए मामलों के 38 प्रतिशत यानी 2,105 मरीज अकोला और नागपुर प्रखंडों से हैं. अकोला प्रखंड में अकेले 1,258 नए मरीज मिले हैं जबकि अमरावती नगर निगम में 542 और अमरावती जिले में 191 नए मरीज सामने आए. वहीं, मुंबई में संक्रमण के 736 नए मामले सामने आने के बाद कुल मामले बढ़कर 3,16,487 पहुंच गे जबकि चार और मरीजों की मौत के साथ मृतक संख्या बड़कर 11,432 हो गई.

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कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों से चिंतित पूर्वी महाराष्ट्र के यवतमाल जिला प्रशासन ने गुरुवार रात से दस दिवसीय लॉकडाउन का आदेश दिया. इससे पहले दिन में, इसी विदर्भ क्षेत्र के अमरावती जिले में शनिवार रात 8 बजे से सोमवार सुबह 7 बजे तक सप्ताहांत लॉकडाउन की घोषणा की गई थी.

यवतमाल के जिलाधिकारी एम डी सिंह ने कहा कि जिले में कोरोना वायरस मामलों की संख्या एक फरवरी से बढ़ रही है और जिले में बुधवार तक की स्थिति के अनुसार यहां इसके 606 उचाराधीन मामले हैं. उन्होंने कहा कि नए मामलों में से लगभग 80 से 90 प्रतिशत मामले यवतमाल, पंढरकावड़ा और पुसद शहरों से सामने आ रहे हैं.

उन्होंने कहा कि इस दौरान स्कूल, कॉलेज, कोचिंग क्लास बंद रहेंगे और किसी भी धार्मिक कार्य की अनुमति नहीं दी जाएगी जबकि शादियों में केवल 50 व्यक्तियों को अनुमति दी जाएगी.

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वहीं, महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने शुक्रवार को कहा कि उन्होंने राज्य में प्रशासन को निर्देश दिया है कि कोविड- 19 महामारी ​​के बीच सार्वजनिक रूप से बिना मास्क के पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए.

एक कार्यक्रम में भाग लेने के बाद शिवनेरी किले में पत्रकारों से बात करते हुए पवार ने कहा कि जिला प्रशासन को अपने संबंधित जिलों में स्थिति का आकलन करने और जरूरत पड़ने पर सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक लॉकडाउन लगाने के लिए अधिकृत किया गया है.

उपमुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘मैं 21 फरवरी को पुणे में एक बैठक की अध्यक्षता करने जा रहा हूं, जिसमें वायरस के प्रसार को रोकने के उपायों पर चर्चा होगी.’’

उन्होंने कहा कि राज्य के कुछ जिलों में कोविड-19 के मामलों में वृद्धि चिंता का विषय है.

पुणे में पूजा चव्हाण की मौत के मामले के बारे में पूछे जाने पर पवार ने कहा कि शिवसेना इस मुद्दे पर अधिक अधिकार के साथ बात कर सकती है. इस मामले में शिवसेना के एक मंत्री पर आरोप लग रहे हैं.

उन्होंने कहा,‘‘मैंने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि मामले में विस्तृत जांच की जा रही है और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा. हमें जांच करने के लिए पुलिस को समय देना चाहिए. मुझे यकीन है कि कोई राजनीतिक हस्तक्षेप नहीं होगा.’’

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