मौसम के मुताबिक पौधों की जरूरत अलग-अलग होती है. माघ और फाल्गुन के महीने में पतझड़ का मौसम होता है. इस दौरान पानी की सही मात्रा और खाद को लेकर ध्यान रखना जरूरी होता है. पानी सही मात्रा में देने से पौधों का विकास सही तरीके से होता है. साथ ही पौधों में पानी देने के तरीकों का भी खास ध्यान रखना जरूरी है.

पतझड़ के मौसम में पोधौं को पानी सुबह में देना चाहिए. वहीं, अधिक गर्मी हो तो सूरज उगने से पहले और शाम में सूरज डूबने के बाद पौधों को पानी देना चाहिए.

पतझड़ के समय ही पौधों को सीचने का काम किया जाता है, जिससे उनका विकास सही तरीके से होता रहे. हालांकि आपको ये भी ध्यान रखने की जरूरत है कि सभी पौधों को ज्यादा पानी की जरूरत नहीं होती है. लेकिन पौधों की मिट्टी सूखनी नहीं चाहिए. इसमें नियमित रूप से नमी बनी होनी चाहिए.

पौधों में पानी देने के तरीकों का भी खास ध्यान देना जरूरी है. पौधों में पानी देने के लिए पाइप के इस्तेमाल से बचना चाहिए. इसके लिए आप छोटा जग या फर्बारे की इस्तेमाल कर सकते हैं. पौधों के गमलों में एक बार में पानी जमा कर देना भी नुकसान दे सकता है. इसलिए मिट्टी की नमी को देखते हुए आपको पानी देने की जरूरत है.

पतझड़ के बाद ही पौधों में फिर से नई पत्तियां और फूल आते हैं. इस वजह से मिट्टी में खाद की मात्रा अच्छी होनी चाहिए. इसके लिए आप मिट्टी में खाद देने की जरूरत होती है. आप इसके लिए नेचुरल खाद का इस्तेमाल कर सकते हैं. बाजार में आपको ये आसानी से मिल जाएगा. इसके अलावा अच्छी नर्सरी में भी ऑर्गेनिक खाद के पैकेट आपको मिल जाएंगे.

खाद डालने के लिए आप गमले से हल्की मिट्टी निकाल लें और फिर खाद को थोड़ी मिट्टी के साथ मिलाकर डाल सकते हैं.

आपको बता दें अगर आप अपने गार्डन में समय बीताते हैं तो इसका सही समय सुबह 10 बजे तक और शाम में 4 बजे के बाद अच्छा होता है. इस दौरान आप गार्डिंग का काम करें तो ये पौधों के लिए भी सही होगा.

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