नयी दिल्ली, 28 अप्रैल (भाषा) सरकार ने बुधवार को कहा कि उर्वरक कंपनियां कोविड-19 महामारी में मरीजों के लिए ऑक्सीजन की किल्लत से निपटने के लिए आने वाले दिनों में हर रोज 50 टन तक तरल चिकित्सकीय आक्सीजन उपलब्ध करा सकती हैं।

एक सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार सहकारी उर्वरक कंपनी इफको गुजरात में कलोल की इकाई में दैनिक 33 हजार घन मीटर ऑक्सीजन की आपूर्ति क्षमता का एक संयंत्र लगा रही है जो जल्द तैयार होगा।

केंद्रीय रासायन एवं उर्वरक राज्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने सार्वजनिक क्षेत्र, निजी क्षेत्र और साथ ही सहकारी क्षेत्र की उर्वरक कंपनियों के साथ, उनके संयंत्रों में ऑक्सीजन के उत्पादन की संभावना का पता लगाने के लिए एक बैठक की अध्यक्षता की। उनके पास पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय का प्रभार भी है।

विज्ञप्ति के अनुसार मंडाविया ने उर्वरक कंपनियों से अस्पतालों को मेडिकल ग्रेड ऑक्सीजन की आपूर्ति बढ़ाकर समाज की मदद करने का आह्वान किया। विज्ञप्ति के अनुसार यह अनुमान लगाया गया है कि ‘उर्वरक संयंत्रों द्वारा कोविड रोगियों के लिए प्रतिदिन लगभग 50 टन तरल चिकित्सकीय ऑक्सीजन गैस उपलब्ध करायी जा सकती है।’

बैठक में बताया गया कि इफको गुजरात की अपनी कलोल इकाई में 200 घन मीटर प्रति घंटे की क्षमता वाला एक ऑक्सीजन संयंत्र लगा रहा है और उनकी कुल क्षमता 33,000 घन मीटर प्रति दिन होगी। इसी तरह गुजरात स्टेट फर्टिलाइजर कार्पोरेशन (जीएसएफसी) ने अपने संयंत्रों में छोटे संशोधन किए और तरल ऑक्सीजन की आपूर्ति शुरू की।

गुजरात नर्मदा वैली फर्टिलाइजर्स एंड केमिकल्स (जीएनएफसी) ने वायु पृथक्करण इकाई शुरू करने के बाद चिकित्सा प्रयोजन के लिए तरल ऑक्सीजन की आपूर्ति भी शुरू कर दी है।

विज्ञप्ति के अनुसार जीएसएफएस और जीएनएफसी ने अपनी ऑक्सीजन उत्पादन क्षमता बढ़ाने की प्रक्रिया पहले ही शुरू कर दी है। अन्य उर्वरक कंपनियां सीएसआर वित्त पोषण के माध्यम से देश के चुनिंदा स्थानों पर अस्पतालों/संयंत्रों में चिकित्सा संयंत्र स्थापित करेंगी।