वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को कहा कि सुधारों के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को विदेशी निवेशक गंभीरता से ले रहे हैं. उन्होंने कहा कि इसका पता इस बात से चलता है कि कोविड-19 के समय भी देश में अच्छा प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) आया है.

चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-जुलाई की अवधि के दौरान देश में 20 अरब डॉलर का विदेशी निवेश आया. राज्यों और संघ शासित प्रदेशों की कारोबार सुगमता रैंकिंग जारी करते हुए सीतारमण ने कहा, ‘‘भारत की सुधारों के प्रति प्रतिबद्धता को लेकर विदेशी निवेशक गंभीर है.

वे भारत को एक वांछित गंतव्य के रूप में लेते हैं. ऐसा नहीं होता, तो महामारी के समय भी देश में इतना अच्छा विदेशी निवेश नहीं आता. हमारे कई आलोचक कहते हैं कि हमने सबसे अधिक सख्त लॉकडाउन लगाया था.

राज्यों और संघ शासित प्रदेशों की कारोबार सुगमता रैंकिंग जारी करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत से देश अपनी ताकत के जरिये आगे बढ़ेगा और आत्मनिर्भर बनेगा. उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत से निर्यात के मोर्चे पर प्रतिस्पर्धी क्षमता बढ़ेगी, बेहतर मूल्य मिलेगा और निर्यात की गुणवत्ता सुधरेगी. यह विनिर्माण में भारत के कौशल को दर्शाएगा.

सीतारमण ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत का मतलब यह नहीं है कि हम सिर्फ देश के अंदर देखेंगे, बल्कि हम अपनी मजबूती के जरिये आगे बढ़ेगे. इससे देश अधिक प्रतिस्पर्धी बन पाएगा. राज्यों की कारोबार सुगमता रैंकिंग में आंध्र प्रदेश फिर पहले स्थान पर रहा है. उसके बाद उत्तर प्रदेश दूसरे ओर तेलंगाना तीसरे स्थान पर है.