उन्नाव (उप्र), 22 मई (भाषा) उन्नाव जिले में घर के बाहर सब्जी बेच रहे किशोर की कोरोना कर्फ्यू के उल्लंघन में पुलिस की कथित पिटाई और प्रताड़ना से मौत के मामले में दो सिपाहियों तथा एक होमगार्ड के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।

पुलिस ने शनिवार को बताया कि प्राथमिकी भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत दर्ज की गई है जिसमें सिपाही विजय चौधरी और सीमावत तथा होमगार्ड सत्यप्रकाश को नामित किया गया है। प्राथमिकी में मृतक के परिजन का आरोप है प्रभारी निरीक्षक के सामने किशोर को पीट-पीट कर मार डाला गया।

पुलिस के मुताबिक इस मामले में आरोपी आरक्षी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया और एक होमगार्ड की सेवा समाप्त कर दी गई है।

घटना शुक्रवार शाम उन्नाव जिले के बांगरमऊ कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत कस्बे के मोहल्ला भटपुरी इलाके में हुई जहां 17 वर्षीय फैसल घर के बाहर सब्जी बेच रहा था। आरोप है कि कस्बा चौकी पुलिस के सिपाही ने फैसल को पकड़ लिया और कोरोना कर्फ्यू के उल्लंघन का आरोप लगाकर उसे डंडे से पीटते हुए थाने ले गया, जहां किशोर की मौत हो गई।

पुलिस की कार्रवाई से आक्रोशित स्थानीय लोगों ने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई, मुआवजा और पीड़ित परिवार को सरकारी नौकरी की मांग को लेकर लखनऊ रोड चौराहे पर जाम लगा दिया।

पुलिस की ओर से जारी बयान में बताया गया था कि फैसल की मौत के मामले में आरोपी सिपाही विजय चौधरी और सीमावत को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया था तथा होमगार्ड सत्यप्रकाश को सेवा से अवमुक्त कर दिया गया है।

घटना के विरोध में ग्रामीणों ने विभिन्न स्थानों पर शुक्रवार रात मार्ग अवरुद्ध कर दिए थे जो देर रात वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के समझाने-बुझाने पर खुल पाए।

अधिकारियों ने किशोर के परिजनों को आश्वासन दिया कि उन्हें शहरी आवास योजना के अंतर्गत एक आवास दिलाया जायेगा। मृतक किशोर के घर के किसी एक व्यक्ति को जिला उद्योग केंद्र के माध्यम से प्रशिक्षण दिलवाकर नौकरी में मदद की जाएगी।

भाषा सं जफर

नेहा

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