नयी दिल्ली, 25 मई (भाषा) केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्ष वर्धन ने मंगलवार को कहा कि कोविड-19 संबंधी गतिविधियों पर ध्यान दें और आवश्यक सेवाएं प्रदान करते रहना न सिर्फ स्वास्थ्य प्रणाली में लोगों का भरोसा कायम रखने के लिये बल्कि अन्य स्वास्थ्य संबंधी स्थितियों की वजह से लोगों की जान जाने के खतरे को कम करने के लिये भी जरूरी है।

स्वास्थ्य मंत्रालय के एक बयान के मुताबिक उन्होंने “कोविड-19 संकट के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं को जारी रखना” विषय पर एक उच्च स्तरीय डिजिटल चर्चा के दौरान यह टिप्पणी की।

बयान के मुताबिक, उन्होंने “कोविड-19 संकट के दौरान गैर संचारी रोगों (एनसीडी) के लिये निर्बाध स्वास्थ्य सेवाओं” पर देशों के लिये ‘कॉल फॉर एक्शन’ (कार्यवाही के लिये आह्वान) सत्र के आयोजन के लिये संयुक्त राष्ट्र प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान की ‘एनसीडी-हराओ’ साझेदारी की सराहना की।

इस बैठक का आयोजन यह सुनिश्चित करने के लिये किया गया था कि मानवीय संकट के इस समय में गैर संचारी रोगों से पीड़ित मरीजों को स्वास्थ्य सेवाएं निरंतर मिलती रहें।

डिफीट-एनसीडी साझेदारी की शुरुआत यह पता चलने के बाद हुई कि बीमारी के वैश्विक बोझ में एनसीडी की काफी संख्या है और हर साल कम से कम 4.1 करोड़ से ज्यादा लोग इससे जान गंवा रहे हैं। यह दुनिया भर में होने वाली कुल मौतों के 70 प्रतिशत के बराबर है।

बयान में उनको उद्धृत करते हुए बताया गया कि वर्धन ने दुनिया का ध्यान मौजूदा संकट कोविड-19 महामारी के वैश्विक खतरे की ओर खींचा जिसकी वजह से दुनिया में 34.6 लाख से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। भारत भी कोरोना वायरस संक्रमण की भयानक दूसरी लहर का प्रकोप झेल रहा है।

उन्होंने मुख्य रूप से आवश्यक सेवाएं प्रदान करने के महत्व और इन सेवाओं को निर्बाध रूप से जारी रखने के लिये वैश्विक स्वास्थ्य प्रणालियों की क्षमता पर कोविड-19 महामारी के प्रभाव पर भी प्रकाश डाला।

भाषा

प्रशांत नरेश

नरेश