श्रीनगर, 23 मई (भाषा) श्रीनगर की एक अदालत ने भवन रखरखाव के काम के लिये अवैध निविदा आवंटन समेत दो मामलों में जम्मू कश्मीर बैंक के अध्यक्ष परवेज अहमद नेंगरू को जमानत दे दी है।

विशेष भ्रष्टाचार निरोधक न्यायाधीश सी एल बवोरिया ने शनिवार को नेंगरू को अंतरिम जमानत दी।

अदालत ने कहा कि याचिकाकर्ता (आरोपी) की हिरासत अवधि, कोविड-19 महामारी के मद्देनजर कैदियों की रिहाई के संबंध में ऊपरी अदालतों के निर्देशों, जांच की स्थिति, अभियोजन की आपत्तियों समेत सभी तथ्यों एवं परिस्थितियों पर गौर करने के बाद वह इस निष्कर्ष पर पहुंची है कि याचिकाकर्ता जमानत की रियायत का हकदार है।

अदालत ने कहा कि हर प्राथमिकी में एक-एक लाख रूपये के जमानती बांड और उतनी ही रकम के निजी बांड भरने पर ‘‘ आरोपी/याचिकाकर्ता की 31 मई, 2021 तक के लिए अंतरिम जमानत स्वीकार की जाती है।

अदालत ने आरोपी पर शर्त लगायी कि उसे अंतरिम जमानत के दौरान जब भी बुलाया जाता है, वह जांच अधिकारी के सामने पेश होगा।

नेंगरू को इस साल अप्रैल में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने रखरखाव के काम के अवैध निविदा आवंटन के सिलसिले में गिरफ्तार किया था। इस आवंटन के चलते बैंक को करोड़ों रूपये का नुकसान हुआ था।

एसीबी ने नेंगरू और 22 अन्य के विरूद्ध बैंक में अवैध नियुक्तियों के एक अन्य मामले में दिसंबर, 2019 में आरोपपत्र दायर किया था।