बहराइच (उत्तर प्रदेश), 25 मई (भाषा) बहराइच जिले की नानपारा विधानसभा से वर्तमान भाजपा विधायक माधुरी वर्मा के पति और चार बार सपा विधायक रह चुके दिलीप वर्मा 14 साल के बाद मंगलवार को भाजपा छोड़कर 'घर वापसी' करते हुए सपा में शामिल हो गए।

वर्मा मंगलवार को सपा जिलाध्यक्ष राम हर्ष यादव तथा अन्य पदाधिकारियों के सामने अपने समर्थकों के साथ सपा में शामिल हो गए

वर्मा ने पिछले महीने भाजपा के घोषित प्रत्याशी के खिलाफ अपनी पुत्री मंशा देवी को जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ाया था। प्रतिक्रिया में पार्टी ने वर्मा को छह साल के लिये पार्टी से निष्कासित कर दिया था। वहीं, चुनाव परिणामों में वर्मा की पुत्री ने भारी मतों के अंतर से भाजपा प्रत्याशी को हरा दिया था।

सपा में शामिल होने के बाद वर्मा ने 'भाषा' से बातचीत में कहा 'जहां सम्मान और लोकतंत्र नहीं है वहां रहने से क्या लाभ? भाजपा में छह साल रहा तो यही जाना कि इस पार्टी में गरीबों, पिछड़ों, दलितों का कोई भला नहीं हो सकता। मुसलमानों के भले का तो सोचना ही व्यर्थ है। अपने घर में वापसी पर सुकून मिला है।

भाजपा से विधायक दिलीप वर्मा की पत्नी माधुरी वर्मा के विषय में पूछे जाने पर दिलीप ने कहा 'मैं सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के नेतृत्व में सपा में शामिल हुआ हूं। अब अखिलेश जी का जो निर्देश होगा वह विधायक माधुरी वर्मा पर भी लागू होगा।'

हालांकि इस बयान पर प्रतिक्रिया देने के लिए भाजपा विधायक माधुरी वर्मा स्वयं फोन पर उपलब्ध नहीं हो सकीं।

गौरतलब है कि कुछ वर्ष पूर्व दिलीप वर्मा को एक अपराधिक मामले में अदालत से सजा हुई थी। सजायाफ्ता दिलीप अपनी सजा काटकर अब वापस आ चुके हैं। दिलीप और उनकी पत्नी माधुरी ने 14 साल पहले सपा छोड़कर बसपा का दामन थामा था। दिलीप को अदालत से सजा होने के कारण वह चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य हो गये थे। बसपा के टिकट पर इनकी पत्नी माधुरी वर्मा विधान परिषद सदस्य बनीं। उसके बाद वर्ष 2012 में कांग्रेस के टिकट पर वह नानपारा से विधायक बनीं। छह वर्ष पूर्व पति-पत्नी ने भाजपा का दामन थामा तो 2017 के विधानसभा चुनावों में भारी मतों से जीतकर माधुरी वर्मा भाजपा से विधायक बन गयीं।

भाषा सं सलीम रंजन

रंजन