पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की बेटी शर्मिष्ठा मुखर्जी ने अपने पिता के अच्छे स्वास्थ्य की कामना करते हुए कहा कि ईश्वर उनके लिए सबकुछ अच्छा करेगा.

मस्तिष्क के ऑपरेशन के बाद से मुखर्जी की हालत नाजुक बनी हुई है.

कांग्रेस नेता शर्मिष्ठा मुखर्जी ने कहा कि देश का सबसे बड़ा नागरिक सम्मान ‘भारत रत्न’ मिलने के मात्र एक साल बाद उनके पिता गंभीर रूप से बीमार हो गए.

उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘पिछले साल आठ अगस्त का दिन मेरे लिए सबसे खुशी के दिनों में से एक था, क्योंकि मेरे पिता को भारत रत्न मिला था. ठीक एक साल बाद 10 अगस्त को वह गंभीर रूप से बीमार हो गए.’’

शर्मिष्ठा ने कहा, ‘‘ईश्वर उनके लिए सबकुछ अच्छा करे और मुझे जीवन की खुशियों एवं दुखों को समान भाव से स्वीकार करने की ताकत प्रदान करे. मैं मेरे पिता के लिए चिंता करने वाले सभी लोगों का धन्यवाद करती हूं.’’

सेना के रिसर्च एंड रेफरल (आर एंड आर) अस्पताल ने मंगलवार को बताया था कि प्रणब मुखर्जी की हालत नाजुक बनी हुई है और उन्हें जीवनरक्षक प्रणाली पर रखा गया है. इससे एक दिन पहले उनके मस्तिष्क की सर्जरी की गई थी.

मुखर्जी (84) को सोमवार दोपहर के वक्त सैन्य अस्पताल में भर्ती कराया गया था और सर्जरी से पहले उनमें कोविड-19 की भी पुष्टि हुई थी.

अस्पताल की ओर से मंगलवार को जारी नए मेडिकल बुलेटिन में कहा गया था, ‘‘पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की हालत नाजुक बनी हुई है और उन्हें जीवनरक्षक प्रणाली पर रखा गया है. खून का थक्का बनने के कारण सोमवार को पूर्व राष्ट्रपति के मस्तिष्क की सर्जरी की गयी थी. उनकी हालत में कोई सुधार नजर नहीं आया है और स्थिति नाजुक बनी हुई है .’’

मुखर्जी जुलाई 2012 से 2017 तक देश के राष्ट्रपति रहे.