हिन्दू मान्यताओं में भगवान गणेश का महत्व काफी अधिक माना गया है. सबसे पहले किसी देवता की पूजा की जाती है तो वो हैं भगवान गणेश. भगवान गणेश को उनके भक्त प्यार से बप्पा कहकर बुलाते हैं. बप्पा को विघ्न दूर करने वाला यानी विघ्न हर्ता भी बुलाया जाता है. उनकी कृपा से सभी कार्य मंगल होते हैं. गणेश चतुर्थी के त्योहार पर भगवान गणेश की प्रतिमा को घर लाकर उनका पूजन किया जाता है. पूजा के दौरान कई प्रकार के मंत्रों का जाप भी किया जाता है, जिससे भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं. सभी भक्त बप्पा से उनके जीवन में आ रहे सभी विघ्नों को दूर करने का आग्रह करते हैं. आइए ऐसे ही कुछ मंत्रों के बारे में जानते हैं जिसके उच्चारण से भगवान गणेश प्रसन्न होंगे और आपकी सभी मनोकामनाएं पूरी करेंगे.

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1. ॐ एकदन्ताय विद्महे वक्रतुंडाय धीमहि तन्नो बुदि्ध प्रचोदयात.

 

2. ॐ ग्लौम गौरी पुत्र, वक्रतुंड, गणपति गुरु गणेश.

ग्लौम गणपति, ऋद्धि पति, सिद्धि पति. करो दूर क्लेश..

 

3. ॐ नमो गणपतये कुबेर येकद्रिको फट् स्वाहा.

 

4. दुर्वा अर्पित करते हुए मंत्र बोलें 'इदं दुर्वादलं ऊं गं गणपतये नमः'

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5., 'इदं अक्षतम् ऊं गं गणपतये नमः' मंत्र बोलते हुए तीन बार गणेश जी को चावल चढ़ाएं.

 

6. गणेश जी को सिंदूर चढ़ाते समय मंत्र बोलें, 'सिन्दूरं शोभनं रक्तं सौभाग्यं सुखवर्धनम्. शुभदं कामदं चैव सिन्दूरं प्रतिगृह्यताम्॥ ओम गं गणपतये नमः'

 

7. सुमुखश्च एकदंतश्च कपिलो गजकर्णक:

लम्बोदरश्च विकटो विघ्ननाशो विनायक:

धुम्रकेतुर गणाध्यक्षो भालचन्द्रो गजानन:

द्वादशैतानि नामानि य: पठेचशृणुयादपि ..

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8. एकदंताय विद्महे, वक्रतुण्डाय धीमहि, तन्नो दंती प्रचोदयात्.

 

9. मंत्र:- 'ॐ वक्रतुण्डैक दंष्ट्राय क्लीं ह्रीं श्रीं गं गणपते वर वरद सर्वजनं मे वशमानय स्वाहा'

 

10. शक्तिविनायक मंत्र

ऊं ह्रीं ग्रीं ह्रीं

 

11. गणेश मूल मंत्र

ऊं श्रीं ह्रीं क्लें ग्लौम गं गणपतये वर वरद सर्वजन जनमय वाशमनये स्वाहा तत्पुरुषाय विद्महे वक्रतुंडाय धिमहि तन्नो दंति प्रचोदयत ओम शांति शांति शांतिः

गणेश चतुर्थी पर भगवान श्री गणेश के इन मंत्रों का जाप करने से भक्तों की सभी मनोकामनाएं चाहे वो वैवाहिक जीवन से संबंधित हों या कुछ और सभी पूर्ण होती हैं. बतां दे देशभर में गणेश चतुर्थी 10 सितंबर को मनाई जा रही है.  10 सितंबर 2021 को गणेश महोत्सव शुरू होगा. इसके बाद 19 सितंबर 2021 को गणेश महोत्सव का समाप्त हो जाएगा. साथ ही 19 सितंबर को भगवान गणेश को विसर्जित किया जाएगा.

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नोटः ये लेख मान्यताओं के आधार पर बनाए गए हैं. ओपोई इस बारे में किसी भी बातों की पुष्टि नहीं करता है.

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