गाजियाबाद (उत्तर प्रदेश), 23 मई (भाषा) व्हाट्स एप पर स्टेटस डालकर उत्तर प्रदेश और बिहार में खराब कानून व्यवस्था के बावजूद वहां से राज्यपालों से रिपोर्ट नहीं मांगने को लेकर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से सवाल करके, सेवा नियमों का उल्लंघन करने के आरोप में राजस्व विभाग के एक लिपिक को निलंबित कर दिया गया है।

दोनों प्रदेशों में ‘जंगल राज’ होने का आरोप लगाते हुए लिपिक बिजेन्द्र सिंह ने सवाल किया कि राष्ट्रपति कोविंद अपने पूर्ववर्ती के. आर. नारायणन की तरह ठोस फैसले क्यों नहीं ले रहे हैं, जबकि दोनों ही दलित हैं। कर्मचारी ने सवाल किया कि राष्ट्रपति कोविंद कानून-व्यवस्था को लेकर राज्यपालों से रिपोर्ट क्यों नहीं मांग रहे हैं।

कर्मचारी के इस व्यवहार पर टिप्पणी करते हुए जिला मजिस्ट्रेट अजय शंकर पांडेय ने कहा कि उपजिलाधिकारी देवेन्द्र पाल सिंह द्वारा की गई जांच के आधार पर राजस्व विभाग के लिपिक को निलंबित कर दिया गया है।

जिलाधिकारी ने बताया कि यह उत्तर प्रदेश कर्मचारी सेवा नियम, 1956 का स्पष्ट उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि लिपिक के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश भी दिये गए हैं।

भाषा अर्पणा प्रशांत

प्रशांत