आगरा के पारस अस्पताल के डॉ अरिजंय जैन का एक वीडियो वायरल हुआ था. जिसमें वह ऑक्सीजन पर बात कर रहे हैं और यह वीडियो वायरल होने के बाद लोग उनकी खूब आलोचना करने लगे, यहां तक की उनका अस्पताल भी सील कर दिया गया. अब डॉ ने इसपर सफाई देते हुए कहा है कि कोई उन्हें फंसा रहा है क्योंकि 22 मरीजों की मौत की खबर बेबुनीयादी है. इस मॉक ड्रिल में 22 लोगों की मौत की खबर झूठी है.

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वीडियो में डॉक्टर ने कहा कि उन्होंने मौक ड्रिल करवाया था जिससे यह देखा जा सके कि कैसे हम मरीजों को कम से कम ऑक्सीजन पर रख सकें, लेकिन मॉक ड्रिल में 22 मरीजों की मौत की खबर बिल्कुल ही निराधार है. ऐसा कुछ भी नहीं हुआ था. उन्होंने आगे कहा, 'हम प्रयास कर रहे थे कि ऑक्सीजन की कमी के बीच कैसे उसका अच्छे से इस्तेमाल किया जा सकता है. यह एक क्लीनिकल एक्सरसाइज था जिसमें यह देखा जा रहा था कि कम से कम ऑक्सीजन में कैसे अच्छा सिस्टम बनाया जा सकता है.'

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