पणजी, 25 मई (भाषा) गोवा की एक निचली अदालत ने पत्रकार तरुण तेजपाल को यौन उत्पीड़न के मामले में बरी करते हुए संदेह का लाभ दिया है और कहा है कि शिकायतकर्ता महिला द्वारा लगाए गए आरोपों के समर्थन में कोई सबूत मौजूद नहीं हैं।

अदालत द्वारा नवंबर 2013 के इस मामले में 21 मई को सुनाए गए फैसले की प्रति मंगलवार को उपलब्ध हुई है।

'तहलका' पत्रिका के संस्थापक-संपादक तेजपाल पर गोवा के एक आलीशान होटल की लिफ्ट में महिला साथी के यौन उत्पीड़न का आरोप था। यहां एक सत्र अदालत ने शुक्रवार को उन्हें आरोपों से बरी कर दिया था।

न्यायाधीश क्षमा जोशी ने अपने विस्तृत लिखित आदेश में कहा है कि ''मौजूद साक्ष्यों पर विचार करने के बाद आरोपी को संदेह का लाभ दिया गया क्योंकि शिकायतकर्ता महिला द्वारा लगाए गए आरोपों के समर्थन में कोई सबूत मौजूद नहीं है।''

पांच सौ पन्नों के आदेश में अदालत ने कहा कि जांच अधिकारी (अपराध शाखा की अधिकारी सुनीता सावंत) ने आठ साल पुराने इस मामले में महत्वपूर्ण पहलुओं की जांच नहीं की।

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जोहेब प्रशांत

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