नयी दिल्ली, 22 मई (भाषा) आईडब्ल्यूपीसी ने शनिवार को कहा कि यौन उत्पीड़न के मामले में पत्रकार तरुण तेजपाल को बरी करने का फैसला ‘‘निराशाजनक’’ है और महिलाओं के लिए न्याय पाने की लड़ाई कठिन हो गयी है। महिला पत्रकारों के संगठन ने मामले में गोवा सरकार द्वारा फैसले के खिलाफ उच्च न्यायालय में अपील दाखिल करने के फैसले का स्वागत किया।

तहलका के पूर्व संपादक तेजपाल को एक सत्र अदालत ने शुक्रवार को यौन उत्पीड़न के आरोपों से बरी कर दिया। तेजपाल पर उनकी एक महिला सहयोगी ने गोवा में एक होटल की लिफ्ट में यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे।

इंडियन वुमन प्रेस कोर (आईडब्ल्यूपीसी) ने शनिवार को एक बयान में कहा, ‘‘आईडब्ल्यूपीसी पीड़िता और घटना को लेकर उसके दृष्टिकोण के साथ है। संगठन सत्र अदालत के फैसले के खिलाफ अपील करने के गोवा सरकार के निर्णय का स्वागत करता है।’’

आईडब्ल्यूपीसी ने कहा कि युवा महिला पत्रकार ने अपने संपादक के खिलाफ सामने आकर बड़ी हिम्मत दिखायी और पुरूषों के पक्ष में झुकी व्यवस्था में सात साल से अधिक समय तक अथक लड़ाई लड़ती रही।

संगठन ने कहा कि यह मामला और जिस तरह से सुनवाई हुई, वह शक्ति के असंतुलन का प्रतीक है जहां महिलाओं की शिकायतों पर निष्पक्षता से सुनवाई नहीं होती।

आईडब्ल्यूपीसी ने बयान में कहा, ‘‘तेजपाल को बरी किए जाने से महिलाओं के लिए न्याय पाने की लड़ाई और कठिन हो गयी है।’’