राजस्थान सरकार ने विभिन्न ग्राम पंचायतों में कनिष्ठ लिपिक (Junior Clerk) के पदों पर कार्यरत लगभग 9,000 कर्मियों को पदोन्नति (Peomotion) देने का निर्णय किया है. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इसके लिए संबंधित विभाग को वर्ष 2013 में भर्ती हुए जूनियर कर्लकों के संवर्ग के लिए वरिष्ठता निर्धारित करने और पदोन्नति प्रक्रिया शुरू करने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी है.

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सरकारी बयान के अनुसार गहलोत ने पंचायती राज विभाग अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि कनिष्ठ लिपिक संवर्ग में बीते सात साल से लंबित पदोन्नति प्रक्रिया को जल्द से जल्द शुरू किया जाए.

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इससे पंचायती राज विभाग में नवसृजित पदों पर नियुक्त हुए लगभग 9,000 कर्मियों को पदोन्नति का अवसर मिल सकेगा और यह पंचायती राज संस्थाओं के सशक्तीकरण की दिशा में बड़ा कदम होगा.

गौरतलब है कि वर्ष 2013 में नवसृजित पदों पर भर्ती किए गए ग्राम पंचायत के कनिष्ठ लिपिकों के संवर्ग के लिए वरिष्ठता निर्धारित करने का कोई प्रावधान नहीं किया गया था. कर्मचारी संगठन काफी समय से पदोन्नति प्रक्रिया में इस विसंगति को दूर करने की मांग कर रहे थे.

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