नयी दिल्ली, 25 मई (भाषा) सरकार ने मालदीव में भारत की राजनयिक मौजूदगी को बढ़ावा देने के लिए इस साल द्वीप राष्ट्र के अड्डू शहर में एक नया वाणिज्य दूतावास खोलने की मंगलवार को मंजूरी दे दी।

मालदीव में पहला वाणिज्य दूतावास खोलने संबंधी निर्णय चीन के देश में अपना प्रभाव बढ़ाने के लगातार प्रयासों के बीच आया है।

एक आधिकारिक बयान में कहा गया है, ‘‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 2021 में मालदीव के अड्डू शहर में भारत के एक नए वाणिज्य दूतावास को खोलने की मंजूरी दे दी है।’’

इसमें कहा गया है कि भारत की ‘पड़ोस पहले की’ नीति’ में इस देश (मालदीव) का महत्वपूर्ण स्थान है।

बयान में कहा गया है कि वाणिज्य दूतावास के खुलने से मालदीव में भारत की राजनयिक मौजूदगी बढ़ाने में मदद मिलेगी और इससे मौजूदा संबंधों और आकांक्षाओं को सुदृढ़ बनाया जा सकेगा।

सरकार ने कहा कि यह सभी के लिए विकास या ‘सबका साथ, सबका विकास’ और भारत की राष्ट्रीय प्राथमिकता में शामिल विकास के इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए एक ‘‘दूरदर्शी कदम’’ है।

बयान में कहा गया है, ‘‘‘आत्मनिर्भर भारत’ के हमारे लक्ष्य के अनुरूप घरेलू उत्पादन और रोजगार को बढ़ाने में इसका सीधा प्रभाव पड़ेगा।’’

मालदीव हिंद महासागर क्षेत्र में भारत के प्रमुख समुद्री पड़ोसियों में से एक है और प्रधानमंत्री की ‘‘सागर’’ (क्षेत्र में सबकी सुरक्षा व विकास) की अवधारणा में प्रमुख और विशेष स्थान रखता है।

सरकार ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति इब्राहिम सोलिह के नेतृत्व में द्विपक्षीय संबंध ‘‘अभूतपूर्व स्तर’’ पर पहुंच गये।

अब्दुल्ला यामीन शासन के दौरान भारत और मालदीव के बीच संबंध तनावपूर्ण रहे। यामीन को चीन का करीबी माना जाता था।

हालांकि, नवंबर 2018 में सोलिह के देश का कार्यभार संभालने के बाद संबंध फिर से सामान्य हो गये थे।