नयी दिल्ली, 22 मई (भाषा) विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) ने कोविड-19 की दूसरी लहर के बीच ऑक्सीजन सांद्रकों को विकसित करने पर प्रस्ताव आमंत्रित किया है।

इस पहल में शैक्षणिक और अनुसंधान संस्थानों, प्रयोगशालाओं, विश्वविद्यालयों और चिकित्सा संस्थानों, स्टार्ट-अप और उद्योगों के वैज्ञानिकों को प्रस्तावों के लिए आमंत्रण शामिल है।

उद्योगों के वैज्ञानिकों को बतौर सह-अन्वेषक अकादमिक, अनुसंधान संस्थानों के जांचकर्ताओं के साथ जुड़ना चाहिए। व्यावसायीकरण के लिए अग्रणी अनुसंधान और विकास के संबंध में उद्योग भागीदारों के लिए वित्त पोषण को प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड (टीडीबी), डीएसटी को उनके विचार के लिए भेजा जाएगा।

इस परियोजना की अवधि एक वर्ष है।

कोरोना वायरस महामारी की दूसरी लहर के दौरान पिछले कुछ हफ्ते में चिकित्सीय ऑक्सीजन की किल्लत के बीच यह प्रस्ताव आमंत्रित किया गया है।

यह अस्पताल के वार्ड और आईसीयू में पूरक ऑक्सीजन प्रदान करने के नए दृष्टिकोण पर काम कर रहे स्वदेशी सांद्रकों की जरूरत को पूरा करने, पृथक-वास के मरीजों के लिए एक सस्ते चिकित्सीय ऑक्सीजन के स्रोत के रूप में सहायता करेगा।