चेन्नई, 26 मई (भाषा) तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन ने बुधवार को वेदांता के तूतीकोरिन स्थित स्टरलाइट कॉपर के खिलाफ 2018 में हुए विरोध प्रदर्शन के संबंध में राजनीतिक दलों के नेताओं के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने का आदेश दिया।

एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया है कि द्रमुक नेता एवं अब मत्स्य पालन मंत्री और पार्टी के तूतीकोरिन दक्षिण जिला सचिव अनीता आर राधाकृष्णन सहित 13 नेताओं से जुड़े 38 मामलों को स्टालिन ने वापस लेने का आदेश दिया।

एमडीएमके प्रमुख वाइको, भाकपा नेता आर नल्लाकन्नू, माकपा राज्य सचिव के बालकृष्णन, अम्मा मक्कल मुनेत्र कषगम के शीर्ष नेता टीटीवी दिनाकरन, डीएमडीके नेता प्रेमलता विजयकांत और एल के सुधीश और छह अन्य के खिलाफ मामले वापस लेने का आदेश दिया गया है।

21 मई को राज्य सरकार ने कहा कि सीबीआई के पास मामलों सहित चुनिंदा मामलों को छोड़कर, स्टरलाइट कॉपर विरोधी प्रदर्शनकारियों के खिलाफ अन्य सभी मामलों को वापस ले लिया जाएगा और 93 गिरफ्तार लोगों को एक-एक लाख रुपये की राहत सहायता दी जाएगी।

स्टालिन ने तूतीकोरिन पुलिस गोलीबारी और हिंसा की जांच आयोग का नेतृत्व करने वाली न्यायमूर्ति अरुणा जगदीशन की अंतरिम रिपोर्ट के आधार पर यह फैसला लिया है।

सरकार ने कहा था कि जांच समिति ने गिरफ्तार किए गए 94 लोगों को राहत देने की सिफारिश की है और तदनुसार 93 को एक-एक लाख रुपये और मृतक की मां को दो लाख रुपये दिए जाएंगे।

पर्यावरण संबंधी चिंताओं को लेकर स्टरलाइट कॉपर के खिलाफ दक्षिणी तमिलनाडु के तूतीकोरिन में विरोध प्रदर्शन 22 मई, 2018 को चरम पर पहुंच गया, जिससे हिंसा हुई और उसके परिणामस्वरूप पुलिस गोलीबारी में 13 लोगों की मौत हो गई।