नयी दिल्ली, 26 मई (भाषा) निर्माण परियोजनाओं में पर्यावरण नियमों के लगातार उल्लंघन का जिक्र करते हुए राष्ट्रीय हरित अधिकारण (एनजीटी) ने सरकार को निर्देश दिया है कि वह इस संबंध में सभी राज्यों के पर्यावरण प्रभाव मूल्यांकन प्राधिकरणों को मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी करने पर विचार करे।

पुणे में ‘गंगा एल्टस’ निर्माण परियोजना को महाराष्ट्र पर्यावरण प्रभाव मूल्यांकन प्राधिकरण द्वारा मंजूरी दिए जाने के खिलाफ दायर एक याचिका पर सुनवाई करते हुए एनजीटी अध्यक्ष न्यायमूर्ति आदर्श कुमार गोयल ने यह आदेश दिया।

तानाजी बी गंभीरे द्वारा दायर याचिका में आरोप लगाया गया है कि गोयल गंगा इंडिया प्राइवेट लिमिटेड आवश्यक पर्यावरण मंजूरी के बिना अवैध रूप से निर्माण परियोजना पर काम कर रही है।

एनजीटी ने कहा कि निर्माण परियोजनाओं में पर्यावरण नियमों का उल्लंघन किए जाने की शिकायतें लगातार मिल रही हैं।

इसने कहा कि महाराष्ट्र पर्यावरण प्रभाव मूल्यांकन प्राधिकरण को उच्चतम न्यायालय के निर्णयों के मद्देनजर अपनी कार्यशैली की समीक्षा करनी चाहिए।

राष्ट्रीय हरित अधिकरण ने कहा कि इस तरह के मामलों में पर्यावरण मंजूरी प्रदान करने के लिए एक उचित एसओपी तैयार की जाए और पर्यावरण एवं वन मंत्रालय भी देश में सभी पर्यावरण प्रभाव मूल्यांकन प्राधिकरणों को इस तरह की मानक संचालन प्रक्रिया जारी करने पर विचार कर सकता है।

एनजीटी ने वर्तमान मामले में समाधान कार्रवाई का सुझाव देने के लिए पर्यावरण एवं वन मंत्रालय, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और महाराष्ट्र राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों की एक समिति भी गठित कर दी।