विजय रूपाणी ने गुजरात के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने राज्य के गवर्नर आचार्य देवरत को अपना इस्तीफा सौंपा. उन्होंने कहा कि मैं बीजेपी को आभार व्यक्त करता हूं. गुजरात के मुख्यमंत्री का इस्तीफा एक आश्चर्य के रूप में आया है और यह अभी भी स्पष्ट नहीं है कि विजय रूपाणी के इस्तीफे के पीछे वजह क्या थी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गृह राज्य गुजरात में अगले साल दिसंबर तक विधानसभा चुनाव होने हैं.

इस्तीफे के बाद गांधीनगर में विजय रूपाणी ने कहा, "मेरा मानना है कि ​अब गुजरात की विकास यात्रा प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में एक नए उत्साह और ऊर्जा के साथ नए नेतृत्व में आगे बढ़नी चाहिए. ये ध्यान रखकर मैंने गुजरात के मुख्यमंत्री पद के दायित्व से त्यागपत्र दिया है." उन्होंने आगे कहा, "मुझे पार्टी के द्वारा अब जो भी​ ज़िम्मेदारी मिलेगी, मैं नई ऊर्जा के साथ प्रधानमंत्री के नेतृत्व और राष्ट्रीय अध्यक्ष के मार्गदर्शन में अवश्य काम करता रहूंगा." 

पिछले कुछ समय से विजय रूपाणी के नेतृत्व को लेकर कयास लगाए जा रहे थे. हालांकि, अगस्त में गुजरात के बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष सीआर पाटिल ने कहा था कि पार्टी अगले साल का विधानसभा चुनाव विजय रूपाणी और उनके डिप्टी नितिन पटेल के नेतृत्व में लड़ेगी. 

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बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष ने नेतृत्व में बदलाव की अटकलों के बारे में एक सवाल के जवाब में कहा था, "नितिनभाई और विजयभाई दोनों गुजरात के विकास के लिए पूरी ताकत से काम कर रहे हैं और आगामी चुनाव भी उनके नेतृत्व में ही लड़ा जाएगा."

विजय रूपानी हाल के महीनों में पद छोड़ने वाले चौथे भारतीय जनता पार्टी (BJP) के मुख्यमंत्री हैं. रूपाणी से पहले कर्नाटक के बीएस येदियुरप्पा ने जुलाई में मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था. उत्तराखंड में तीरथ सिंह रावत ने त्रिवेंद्र सिंह रावत की जगह लेने के ठीक चार महीने बाद मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया.  जिसके बाद पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री के रूप में पदभार संभाला. 

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