बजट पेश करने से पहले हलवा सेरेमनी की परंपरा है, जिसे शनिवार को वित्त मंत्रालय में आयोजित किया गया. पहले इसे लेकर कयास लगाया जा रहा है था कि इसे रद्द किया जा सकता है. लेकिन सालों से चली आ रही परंपरा को इस साल भी निभाया गया.

केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतरमण और केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर हलवा सेरेमनी में मौजूद रहे.

हलवा सेरेमनी को लेकर मान्यता रही है कि ये शुभ काम है. जैसे किसी शुभ काम के शुरू होने से पहले मीठा खाने की रस्म होती है. भारतीय संस्कृति में हलवा को शुभ माना जाता है. इसलिए बजट तैयार होने से पहले हलवा सेरेमनी की जाती है. ये परंपरा सालों से चली आ रही है.

हलवा सेरेमनी के बाद भी बजट के दस्तावेज छपाई के लिए भेजे जाते हैं. वित्त मंत्री खुद बजट से जुड़े कर्मचारियों को हलवा बांटती हैं.

हलवा सेरेमनी के बाद बजट निर्माण प्रक्रिया से जुड़े कर्मचारियों को 10 दिन तक नॉर्थ ब्लॉक के बेसमेंट में रखा जाएगा. जब तक बजट तैयार नहीं हो जाता तब तक वह किसी के भी संपर्क में नहीं रहते हैं. यहां तक की वह अपने परिवार के भी संपर्क में नहीं होते हैं.

बजट सत्र 29 जनवरी से शुरू होने वाला है, जो 15 फरवरी को इसका पहला चरण समाप्त होगा. जबकि दूसरा चरण 8 मार्च से 8 अप्रैल तक होगा. 1 फरवरी को बजट पेश किया जाएगा.