चेन्नई, 19 अप्रैल (भाषा) मुंबई इंडियन्स के हरफनमौला हार्दिक पंड्या के इंडियन प्रीमियर लीग के मौजूदा सत्र के शुरुआती तीन मैचों में गेंदबाजी नहीं करने पर मुख्य कोच महेला जयवर्धने ने सोमवार को बताया कि इंग्लैंड के खिलाफ आखिरी एकदिवसीय मैच में उनके कंधा मामूली रूप से चोटिल हो गया था।

श्रीलंका के इस पूर्व दिग्गज बल्लेबाज ने ऑनलाइन संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘हम इस सत्र में उनकी गेंदबाजी देखने का इंतजार कर रहे है लेकिन इंग्लैंड के खिलाफ आखिरी एकदिवसीय में शायद उन्हें मामूली चोट लगी थी, वह चोट से उबर रहे है।

उन्होंने हालांकि उम्मीद जतायी कि हार्दिक जल्द ही गेंदबाजी करेंगे।

उन्होंने कहा, ‘‘ हम उन्हें लेकर अभी कोई जोखिम नहीं लेना चाहते। हम यह सुनिश्चित करना चाहते है कि वह गेंदबाजी को लेकर सहज रहे। उम्मीद है अगले कुछ सप्ताह में वह गेंदबाजी करते हुए दिखेंगे।’’

उन्होंने ने कहा, ‘‘ ऐसा नहीं है कि हम जानबूझ कर उनसे गेंदबाजी नहीं करा रहे है। जैसे ही वह चोट से उबर जाऐंगे और सहज महसूस करेंगे वह गेंदबाजी करते हुए दिखेंगे।’’

बड़ौदा के 27 साल के इस खिलाड़ी ने सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ डेविड वार्नर और अब्दुल समद को रन आउट कर टीम में 13 रन से जीत दिलाने में अहम भूमिका निभायी थी।

जयवर्धने ने कहा, ‘‘हम हार्दिक से बाउंड्री के पास क्षेत्ररक्षण करना चाहते है क्याकिं उनका थ्रो काफी तेज होता है और वह शानदार कैच पकड़ते है लेकिन कंधे की चोट के कारण हम उनसे 30 गज के घेरे में क्षेत्ररक्षण करते है।’’

आईपीएल के मौजूदा सत्र में यहां के चेपॉक स्टेडियम में खेले जा रहे मैचों में पहले बल्लेबाजी करने वाली टीमों का दबदबा रहा लेकिन जयवर्धने ने कहा कि यहां की पिच पर खेलना असंभव नहीं है लेकिन यह धीमी है।

अब तक यहां खेले गये छह मैचों सिर्फ तीन बार टीमों ने 150 रन से अधिक का स्कोर खड़ा किया जबकि पांच मैचों में पहले बल्लेबाजी करने वाली टीमों ने जीत दर्ज की।

रविवार को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलोर और राजस्थान रॉयल्स के बीच खेला गया मुकाबला हालांकि अधिक स्कोर वाला रहा था जिसमें विराट कोहली की टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए चार विकेट पर 204 रन बनाने के बाद 38 रन से जीत दर्ज की थी।

जयवर्धने ने दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ मैच की पूर्व संध्या पर कहा, ‘‘ यह बल्लेबाजी के लिए असंभव विकेट नहीं है। यह अच्छी और प्रतिस्पर्धी पिच है। किसी भी टीम या बल्लेबाज के लिए परिस्थितियों से सामंजस्य बैठाना अहम होता है। इस मामले में हम अपनी योजना पर खरे उतरे है, यह चुनौतीपूर्ण है लेकिन हमारे गेंदबाजों ने अच्छा प्रदर्शन किया है।’’

भाषा

आनन्द

आनन्द नमिता

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