हिंदू धर्म में बहुत से ऐसे पर्व होते हैं जो महिलाएं अपने पति, बच्चों और परिवार की लंबी उम्र और घर की सुख शांति के लिए रखती हैं. उनमें से एक हरतालिका तीज भी है जिसे सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र के लिए रखती हैं. यह व्रत महिलाएं करती हैं जो बहुत ही कठिन और शुभ फलदाई व्रत माना जाता है. भाद्रपद के शुक्ल पक्ष की तृतीया को हरतालिका तीज मनाई जाती है और इस दिन विशेषरूप से भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा होती है.

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हरितालिका तीज कब है?

इस साल हरतालिका तीज 9 सितंबर दिन गुरुवार को पड़ा है. हिंदू धर्म के सभी व्रतों में हरतालिका व्रत को सबसे कठिन बताया गया है क्योंकि इसमें महिलाओं को बिना  कुछ खाए-पिए लगभग 24 घंटो तक रहना होता है फिर पूजा करने के बाद व्रत का पारण किया जाता है.  

हरतालिका तीज 2021 शुभ मुहूर्त

भाद्रपद के शुक्ल पक्ष की तृतीया को हरतालिका तीज मनाई जाती है. 9 सितंबर की सुबह 06 बजकर 02 मिनट से 08 बजकर 32 मिनट तक पूजन विधि है. इसकी अवधि 2 घंटे 30 मिनट की ही है. प्रदोष काल मुहूर्त 18:33:51 से 20:51:43 तक है.

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हरतालिका तीज का महत्व और पूजा विधि

सुहागिन महिलाओं में हरतालिका तीज की आस्था देखने को मिलती है. महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र के लिए निर्जला व्रत रखती हैं और ऐसी मान्यता भी है कि इस व्रत को करने से सुहागिन महिलाओं को शिव-पार्वती अखंड सौभाग्य का वरदान भी देते हैं. अगर कुंवारी लड़कियां यह व्रत करती हैं तो उन्हें मनचाहा वर प्राप्त होता है. हरतालिका तीज का व्रत निर्जला होता है, इसलिए ब्रह्म मुहूर्त (सुबह 4-5 बजे) में उठकर कुछ खा-पी लेना चाहिए क्योंकि इसके बाद कुछ भी खाना-पीना नहीं चाहिए. इसके बाद भगवान शिव को गंगाजल, दही, दूध, शहद से स्नान कराया जाता है. इसके बाद पूजा की जाती है और फिर शाम के समय चांद देखकर भी पूजा की जाती है. अगले दिन माता पार्वती की पूजा के बाद व्रद का पारण करना चाहिए.

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