आजाद समाज पार्टी के प्रमुख और भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर आजाद ने उत्तर प्रदेश में दलितों के विरूद्ध अपराधों को लेकर संवैधानिक मशीनरी के विफल होने का आरोप लगाते हुए बृहस्पतिवार को राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग की.

आजाद ने कहा कि स्थानीय पुलिस के आदेश पर उन्हें सहारनपुर में उनके घर पर नजरबंद कर दिया गया है और उन्होंने ‘धरना’ शुरू किया है.

दलित कार्यकर्ता, 19 वर्षीय हाथरस मामले की पीड़िता के परिवार के साथ उसके घर जा रहे थे लेकिन बीच रास्ते में ही उन्हें रोक दिया गया. मंगलवार को इस युवती की दिल्ली के एक अस्पताल में मौत हो गयी. करीब एक पखवाड़े पहले उत्तर प्रदेश के हाथरस में उसके साथ कथित रूप से सामूहिक बलात्कार किया गया था.

आजाद समाज पार्टी के पदाधिकारियों के अनुसार, आजाद को अगली शाम सहारनपुर उनके घर लाया गया और घर पर नजरबंद कर दिया गया.

उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘ मैं अपने घर पर ही धरने पर बैठा हूं, अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. उत्तर प्रदेश में दलितों के साथ अन्याय किया जा रहा है. अब तक अपराधियों को संरक्षण देने वाले एवं अमानवीय कृत्य करने वाले हाथरस के झूठे जिलाधिकारी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को हटाया नहीं गया है. ऐसे लोगों से न्याय की उम्मीद कैसे की जा सकती है?’’

उन्होंने लिखा, ‘‘ हाथरस, आजमगढ़, बुलंदशहर,मेरठ, बलरामपुर... उत्तर प्रदेश का हर जिला दुष्कर्म के नाम से शर्मसार हो रहा है. संवैधानिक मशीनरी पूर्णतः फेल है. योगी आदित्यनाथ से सरकार नहीं संभाली जा रही. राष्ट्रपति महोदय प्रदेश में जल्द से जल्द राष्ट्रपति शासन की घोषणा करें.’’

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि हाथरस में सरकारी कर्मी नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं. उन्होंने मांग की कि राज्य सरकार जिले में प्रशासन एवं पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को हटाए.