पणजी, 26 मई (भाषा) गोवा में बम्बई उच्च न्यायालय की अवकाशकालीन पीठ यौन उत्पीड़न मामले में ‘तहलका’ पत्रिका के संस्थापक संपादक तरुण तेजपाल को बरी करने को चुनौती देने वाली राज्य सरकार की याचिका पर 27 मई को सुनवाई करेगी।

गोवा के महाधिवक्ता देवीदास पंगम ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि मामले को बृहस्पतिवार की सुबह सुनवाई के लिए न्यायमूर्ति एस जी गुप्ते की अवकाशकालीन पीठ के समक्ष सूचीबद्ध किया गया है।

गोवा की सत्र अदालत ने पत्रकार तरुण तेजपाल को बलात्कार के मामले में 21 मई को बरी कर दिया था।

‘तहलका’ पत्रिका के पूर्व प्रधान संपादक पर 2013 में गोवा के एक ‘लग्जरी होटल’ की लिफ्ट के भीतर महिला साथी का यौन उत्पीड़न करने का आरोप था।

गोवा सरकार ने मंगलवार को उच्च न्यायालय में तेजपाल को बरी किये जाने को चुनौती दी थी।

तेजपाल पर भारतीय दंड संहिता (भादंसं) की धारा 342 (गलत तरीके से रोकना), 342 (गलत तरीके से बंधक बनाना), 354 (गरिमा भंग करने की मंशा से हमला या आपराधिक बल का प्रयोग करना), 354-ए (यौन उत्पीड़न), धारा 376 की उपधारा दो (फ) (पद का दुरुपयोग कर अधीनस्थ महिला से बलात्कार) और 376 (2) (क) (नियंत्रण कर सकने की स्थिति वाले व्यक्ति द्वारा बलात्कार) के तहत मुकदमा चला था।