लालू यादव की जमानत याचिका पर सुनवाई फिर टाल दी गई है. चारा घोटाले से संबंधित दुमका कोषागार गबन मामले में सजा काट रहे राजद नेता लालू प्रसाद की हिरासत अवधि संबंधी जमानत याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई फिर स्थगित हो गई. झारखंड उच्च न्यायालय में आज इस मामले में सुनवाई होनी थी और लालू के अधिवक्ताओं ने राजद नेता को जमानत मिलने एवं देर शाम तक न्यायिक हिरासत से उनके रिहा होने की उम्मीद जताई थी.

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कोर्ट में मामले की सुनवाई के दौरान CBI ने लालू की न्यायिक हिरासत अवधि पर उनके वकील के दावे पर सवाल उठाया और कहा कि अभी लालू ने सिर्फ 37 माह, 12 दिन ही हिरासत में काटे हैं.

इसके बाद न्यायमूर्ति अपरेश कुमार सिंह की पीठ ने मामले की सुनवाई आगामी सप्ताह के लिए स्थगित कर दी जो अब 19 फरवरी को होने की संभावना है.

न्यायालय ने लालू प्रसाद और सीबीआई से राजद नेता की न्यायिक हिरासत अवधि की सत्यापित प्रति मांगी.

लालू के वकील कपिल सिब्बल दिल्ली से वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से अदालत की कार्यवाही में पेश हुए. उन्होंने दावा किया कि उनके मुवक्किल ने 42 माह जेल में पूरे कर लिए हैं.

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वहीं, केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने कहा कि दुमका मामले में अभी तक राजद नेता ने 37 माह 12 दिन ही हिरासत में पूरे किए हैं.

इसके बाद, अदालत ने दोनों से हिरासत अवधि पर सत्यापित आदेश जमा करने को कहा.

इससे पूर्व संबंधित मामले में लालू की जमानत याचिका पर 29 जनवरी को सुनवाई होनी थी लेकिन जैसे ही कार्यवाही शुरू हुई, पीठ ने कहा कि राजद नेता की ओर से दाखिल कागजात उन तक समय से नहीं पहुंचे.

पीठ ने इसके बाद सुनवाई के लिए 12 फरवरी की तारीख निर्धारित की थी.

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